गेम, चॉकलेट फिर ब्लैकमेल: मासूमों को शिकार बनाकर रामभवन ने बनाए थे 2 लाख अश्लील वीडियो, 47 देशों तक जुड़ा था नेटवर्क
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/banda-news-(7)-1771706102200_m.webpफांसी की सजा पाने वाले दोषी रामभवन को जेल ले जाती पुलिस
जागरण संवाददाता, बांदा। यौन शोषण के मामले में फांसी की सजा पाने वाला दोषी जेई बच्चों को अपने घर में गेम खेलने और चॉकलेट के बहाने बुलाकर लगभग एक दशकघिनौना कृत्य करता रहा है। गेम खिलाने के दौरान उनकी पोर्न वीडियो व फोटोग्राफ बनाकर उन्हें धमकाता था।
ज्यादातर बच्चे गरीब व असहाय स्थिति वाले रहते रहे हैं। पीड़ित कुल 33 में करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे इसी तरह वाले शामिल हैं। सीबीआई की गहन जांच में इस बात का राजफाश हुआ।
सिंचाई विभाग का निलंबित सजा पाने वाले जेई रामभवन जहां डार्क वेब साइट व न्यूजीलैंड की मेगा एन साइट पर बच्चों के पोर्न वीडियो बेचने के लिए भेजता रहा है। इन वेब साइटों में करीब दो लाख से ज्यादा वीडियो रामभवन ने भेजे थे। उसके तार 47 देशों से जुड़े रहे हैं।
2020 में शुरू की गई सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई थी कि जिन बच्चों को उसने शिकार बनाया है। इसमें सबसे ज्यादा बच्चे चित्रकूट जिले के शामिल हैं। हालांकि उसने बांदा व हमीरपुर के भी करीब आधा-आधा दर्जन से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया था।
विशेष न्यायालय पॉक्सो के शासकीय अधिवक्ता सौरभ ने बताया कि जेई के कारनामों में सबसे खास बात यह रहती रही है कि वह जहां भी नौकरी के सिलसिले में जाता था। वहां वह अपने घर में बच्चों के खेलने के लिए वीडियो गेम लगाता था। इसी वीडियो गेम को खिलाने का प्रलोभन देकर बच्चों को अपने झांसे में लेता रहा है।
बाद में चंगुल में फंसे बच्चों का यौन शोषण करने का क्रम शुरू होता था। धोखे से पोर्न वीडियो बनाने के बाद वह बच्चों को दिखाकर धमकाता था कि यदि वह उनकी बात नहीं मानेंगे तो उनके स्वजन से वह शिकायत कर देगा। इससे बच्चे डर जाते थे।
जेई की बातों को मानना शुरू कर देते थे। जांच में एक बात यह भी सामने आई कि वह अपने घर आने वाले नौकरानी, दूध व सब्जी बेचने वालों के बच्चों को ज्यादातर निशाना बनाता था। इसमें वह बच्चे भी शामिल हैं जिनके पिता नहीं है।
गरीब मां किसी तरह बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। हमीरपुर में उसे नहर बनवाने का काम मिला था। वहां वह एक मेठ के घर में कई दिन रुका था। वहां भी उसने मेठ के बच्चों समेत आसपास के बच्चों को निशाना बनाया रहा है।
हाई कोर्ट में अपील के लिए तैयार की गई फाइल स्वजन को सौंपी
दंपती को फांसी की सजा सुनाई जाने के बाद उनके अधिवक्ता भूरा निषाद ने शनिवार को न्यायालय से फैसले की नकल निकलवायी। अधिवक्ता का कहना है कि हाईकोर्ट में अपील करने के लिए तैयार की गई फाइल में दंपती के सीबीआई की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर व चार्ज शीट की फाइलों की नकल भी शामिल है।
पूरी फाइल उन्होंने रामभवन के बड़े भाई राजा भइया को सौंप दी है। जिससे अब वह रविवार को हाईकोर्ट के लिए रवाना होंगे। जिससे दायरा बनवाने के बाद सोमवार को वह प्रयागराज उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के माध्यम से अपील दायर कर सकें।
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