सूर्य कुमार यादव के पिता ने बताया मैच के दौरान पाकिस्तान से हाथ न मिलाने के पीछे की असली वजह
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/surya-1771746080113_m.webpसूर्यकुमार यादव के पिता ने खोला राज, क्यों नहीं मिलाते पाकिस्तान से हाथ।
जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर)। टी-ट्वेंटी क्रिकेट विश्वकप में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे सूर्यकुमार यादव हर मैच में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उनके पैतृक गांव हथौड़ा पहुंचे उनके पिता अशोक यादव ने टीम इंडिया को विश्वकप जीतने के लिए शुभकामनाएं भेजीं।
सूर्यकुमार की मां सपना देवी ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। पिछले दो वर्षों में भारत ने चार विश्व खिताब और एक चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की है। सूर्यकुमार के कप्तानी में विश्वकप जीत के लिए कई मंदिरों में पूजा अर्चना की जा रही है।
सुपर आठ के पहले मैच के दिन काशी में बाबा विश्वनाथ जी का दर्शन पूजन किया गया। अशोक यादव ने बताया कि यूपी खेल राज्यमंत्री गिरीशचंद्र ने सूर्यकुमार के नाम पर हथौड़ा में प्रवेशद्वार और वाराणसी–गोरखपुर हाईवे से घर तक पक्की सड़क बनाने का वादा किया है। वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हथौड़ा में एकेडमी स्थापित करने में मदद का आश्वासन दिया है।
सूर्यकुमार अपनी खेल भावना के साथ राष्ट्र भावना को भी सर्वोपरि रखते हैं। क्रिकेट इतिहास में टास और मैच के बाद पाकिस्तान से हाथ न मिलाने की परंपरा उनकी टीम के कोच गंभीर और बीसीसीआई सचिव के समर्थन से शुरू की गई। लगातार व्यस्त कार्यक्रम के कारण इस साल आईपीएल के बाद ही वह गाजीपुर के पैतृक गांव आने की संभावना रखते हैं।
सूर्यकुमार यादव का क्रिकेट करियर तेजी से उभर रहा है और उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई महत्वपूर्ण मैचों में जीत हासिल की है। उनके पिता अशोक यादव ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और वे आशा करते हैं कि भारतीय टीम विश्वकप में सफलता प्राप्त करेगी। सपना देवी ने भी अपने बेटे की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है।
सूर्यकुमार के गांव में उनके समर्थन में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोग उनके लिए पूजा अर्चना कर रहे हैं और उनकी सफलता की कामना कर रहे हैं। इस बीच, खेल मंत्री गिरीशचंद्र ने आश्वासन दिया है कि गांव में विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
सूर्यकुमार यादव का यह सफर न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है, और अब वे भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारे बन चुके हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम की संभावनाएँ उज्ज्वल हैं, और सभी की नजरें अब विश्वकप पर टिकी हुई हैं।
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