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दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर शुरू, सराय काले खां से मोदीपुरम तक 82KM लंबे रूट पर दौड़ेंगी नमो भारत

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पीएम मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का उद्घाटन किया। (फोटो सौजन्य- @narendramodi)



संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रविवार को 82 किमी लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के अंतिम खंड का उद्घाटन किए जाने के साथ ही रविवार को देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना पूरी तरह कार्यात्मक हो गई है। वर्ष 2019 में रखी गई आधारशिला से लेकर 2026 में पूर्ण परिचालन तक का यह सफर आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर का जीवंत प्रमाण है।
एक विजन की शुरुआत (2019-2021)

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव मार्च 2019 में रखी गई थी। महज तीन माह के भीतर जून 2019 में इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। चुनौतीपूर्ण समय के बावजूद, 2020 में पहली ट्रेन की पहली झलक दुनिया के सामने आई और 2021 तक गाजियाबाद में रेलवे लाइनों के ऊपर विशेष स्टील स्पैन बिछाने जैसे जटिल तकनीकी कार्य पूरे कर लिए गए।

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तकनीक और नवाचार का संगम

नमो भारत केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन है। 2022 में \“\“सुदर्शन\“\“ टीबीएम द्वारा भूमिगत सुरंगों का निर्माण शुरू हुआ और उसी वर्ष सांवली, गुजरात से स्वदेशी तकनीक से निर्मित पहली ट्रेन सेट प्राप्त हुई। अक्टूबर 2022 में इसका सफल ट्रायल रन किया गया, जिसमें विश्व स्तरीय यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम लेवल-2 सिग्नलिंग का उपयोग हुआ।
चरणों में मिली सफलता

परियोजना की सफलता का सिलसिला अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ, जब साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किमी के \“\“प्रायोरिटी सेक्शन\“\“ का उद्घाटन हुआ।

इसके बाद मार्च 2024 में मोदीनगर तक और जनवरी 2025 में न्यू अशोक नगर तक विस्तार किया गया। देखते ही देखते इस कॉरिडोर ने दो करोड़ से अधिक यात्रियों का आंकड़ा पार कर अपनी उपयोगिता सिद्ध कर दी।
2025: एकीकरण और विस्तार का साल

पिछला वर्ष इस परियोजना के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। आनंद विहार स्टेशन को ग्रीन सर्टिफिकेट मिला और उबर जैसी सेवाओं के साथ \“\“लास्ट माइल कनेक्टिविटी\“\“ के लिए हाथ मिलाया गया।

सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रही \“\“शेयर्ड ट्रैक माडल\“\“, जहां नमो भारत व मेरठ मेट्रो एक ही ट्रैक पर संचालित होने के लिए तैयार हुए। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दुहाई डिपो में \“\“सोलर आन ट्रैक\“\“ की शुरुआत की गई।
रविवार को इस कॉरिडोर से जुड़े दो और खंड

रविवार को उद्घाटन के साथ ही न्यू अशोक नगर से सराय काले खां (पांच किमी) और मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम (21 किमी) के खंड भी जुड़ गए हैं। अब यात्री दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक का सफर पलक झपकते ही पूरा कर सकेंगे। इसके साथ ही देश की सबसे तेज मेट्रो सेवा, \“\“मेरठ मेट्रो\“\“ का भी औपचारिक शुभारंभ हो गया है।

भविष्य की राह

नमो भारत ने न केवल एनसीआर के लोगों को जाम से मुक्ति दिलाई है, बल्कि क्षेत्रीय गतिशीलता के लिए एक नया \“\“बेंचमार्क\“\“ स्थापित किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को अब 100 से अधिक शहरों में इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं

[*]दूरी : 82 किलोमीटर का संपूर्ण कॉरिडोर
[*]समय की बचत : दिल्ली से मेरठ की यात्रा अब मात्र कुछ मिनटों की
[*]सुविधा : आईआरसीटीसी के साथ एकीकृत टिकटिंग प्रणाली
[*]विश्वसनीयता: घने कोहरे में भी 99 प्रतिशत समयबद्धता का रिकॉर्ड


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