24 फरवरी से प्रारंभ हो रहा होलाष्टक, अब अप्रैल से गूंजेंगी शहनाइयां
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/Marriage-1771775297998_m.webpजागरण संवाददाता, मुरादाबाद। होली से आठ दिन पहले शुरू होने वाला होलाष्टक इस वर्ष 24 फरवरी से प्रारंभ हो रहा है। इसके साथ ही विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर अस्थायी विराम लग जाएगा, जो होली तक जारी रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में ग्रहों की स्थिति अशुभ मानी जाती है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार नहीं किए जाते।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि होलाष्टक और अधिकमास के कारण इनके बीच शुभ कार्यों में व्यवधान आएगा। हिंदी माह का चैत्र भी शुभ कार्यों के लिए भारी माना जाता है। जिससे इन दिनों शुभ लग्न ठीक नहीं माना जाता।
होलाष्टक व चैत्र माह के दौरान पूजा-पाठ, दान-पुण्य और भगवान का स्मरण करना विशेष फलदायी माना जाता है। अप्रैल में 20 से 29 अप्रैल के बीच मात्र छह शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं।
इसके बाद 1 मई से 14 मई तक कुछ मुहूर्त मिलेंगे, लेकिन 17 मई से शुरू होने वाला अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) 15 जून तक शुभ कार्यों पर पूरी तरह विराम लगा देगा। इस पूरे एक माह में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा के अनुसार अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दौरान व्रत, जप, तप और दान का विशेष महत्व होता है, लेकिन शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जुलाई तक सीमित मुहूर्त होने के कारण विवाह की तैयारियां समय रहते कर लेना बेहतर रहेगा। वहीं अधिकमास के दौरान धार्मिक कार्यों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
इस वर्ष विवाह के प्रमुख मुहूर्त
[*]अप्रैल: 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29
[*]मई: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14
[*]जून: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
[*]जुलाई: 1, 6, 7, 11
[*]नवंबर: 21, 24, 25, 26
[*]दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 6, 11
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