फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट पर मधेपुरा मेडिकल कॉलेज में नामांकन की कोशिश, स्टूडेंट पर FIR दर्ज
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/MADHEPURA-MEDICAL-COLLEGE-1771776315623_m.webpमधेपुरा मेडिकल कॉलेज। (जागरण)
संवाद सूत्र, सिंहेश्वर (मधेपुरा)। जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय मधेपुरा में नामांकन के लिए आंख से दिव्यांग होने का फर्जी प्रमाण पत्र जमा कराकर सीट आवंटित कराने वाले छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है।
मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट सेक्शन इंचार्ज डॉ. जयप्रकाश भारती ने छात्र अमन कुमार के विरुद्ध सिंहेश्वर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाया है।
आरोपित छात्र अमन कुमार बेतिया के वार्ड संख्या 15 जयप्रकाश नगर निवासी नितेश्वर राव का पुत्र है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई तेजी से की जाएगी।
डॉ. जय प्रकाश भारती के अनुसार बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड की द्वितीय चरण की काउंसलिंग में अभ्यर्थी अमन कुमार को दिव्यांग श्रेणी में एमबीबीएस सीट आवंटित की गई थी।
27 सितंबर 2025 को वह नामांकन के लिए कॉलेज पहुंचा और आईजीआईएमएस पटना द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। प्रमाण-पत्र पर संदेह होने पर इसे आधिकारिक वॉट्सऐप समूह के माध्यम से बीसीईसीई बोर्ड को भेजा गया।
प्रमाणपत्र पर फर्जी सिग्नेचर
इसके बाद आईजीआईएमएस ने स्पष्ट कर दिया कि प्रमाण-पत्र पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं तथा अभ्यर्थी चिकित्सकीय रूप से दिव्यांग नहीं है। इसके आधार पर बोर्ड ने अभ्यर्थी की आवंटित सीट तत्काल रद कर दी।
बाद में आईजीआईएमएस ने 19 जनवरी 2026 को बोर्ड को पत्र भेजकर प्रमाण-पत्र को जाली घोषित किया। इसके मद्देनजर बीसीईसीई बोर्ड ने 12 फरवरी 2026 को पत्र जारी कर अभ्यर्थी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
डॉ. जयप्रकाश भारती के अनुसार अभ्यर्थी अमन कुमार ने कूटरचना कर गंभीर अपराध किया है। ऐसे फर्जीवाड़े से वास्तविक दिव्यांग अभ्यर्थियों का हक प्रभावित हो जाता है और वे एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश से वंचित रह सकते हैं।
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