ATS ने कोलकाता से 5 अफगानियों को किया गिरफ्तार, जबलपुर के पते पर बनवाए थे फर्जी पासपोर्ट
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/pass-poart-1771791116296_m.webpअफगानियों ने जबलपुर के पते पर बनवाए थे फर्जी भारतीय पासपोर्ट
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गलत पते और दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवा कर देश में रहने वाले पांच और अफगानियों को एटीएस (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड) की टीम ने रविवार को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया। सभी को जबलपुर लाया गया है।
आरोपितों को न्यायालय में रविवार को पेश कर 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इसके पूर्व एटीएस फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले तीन अफगानियों और उनकी मदद करने वाले तीन अन्य यानी कुछ छह आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सूदखोरी का धंधा कर रहे थे आरोपी
गिरफ्तार किए गए अफगानियों में जिया उल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैयद मोहम्मद, जफर खान हैं। ये पांचों कई साल पहले भारत आए और कोलकाता में सूदखोरी का धंधा करे थे। इन्होंने जबलपुर में रहने वाले अफगानी सोहबत खान के माध्यम से अपने फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाए थे।
बता दें कि एटीएस ने इससे पहले अगस्त 2025 में जबलपुर में सोहबत खान को पकड़ा था। उसके पास से फर्जी भारतीय पासपोर्ट मिला था। उसकी निशानदेही पर कोलकाता निवासी मोहम्मद इकबाल और अकबर को भी गिरफ्तार किया था।
सोहबत ने जबलपुर के कथित अधिवक्ता चंदन सिंह, वन रक्षक दिनेश गर्ग और महेश कुमार सुखदान के साथ मिलकर इन तीनों के भी फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाए थे।
ढाई लाख लिए, जबलपुर का बताया पता
भारत आने के बाद ये अफगानी कोलकाता में ही रह रहे थे। इस दौरान उन्हें सोहबत के बारे में पता चला, जो फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाता था। उन्होंने उससे संपर्क किया, जिसके बाद सोहबत ने प्रति पासपोर्ट ढाई लाख रुपये लिए और जबलपुर में उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कराए।
सोहबत ने 2024 में पांचों को शहर बुलाया और पीओपीएसके (पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र) में उनकी फोटो खिंचवाई। दस्तावेज की जांच कराने के बाद पांचों को रवाना कर दिया। सोहबत ने ही पासपोर्ट को डाकघर से लिए और फिर पांचों को भेजा।
Pages:
[1]