मध्य प्रदेश: धार भोजशाला विवाद मामले में आज अहम सुनवाई, हाई कोर्ट में पेश होगी ASI की सर्वे रिपोर्ट
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/dhar-hc-1771803163621_m.webpधार भोजशाला विवाद मामले में आज अहम सुनवाई (फाइल फोटो)
जेएनएम, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के सरस्वती (वाग्देवी) मंदिर बनाम कमाल मौला मस्जिद विवाद में आज से हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई शुरू होगी। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला व न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डबल बेंच में सुनवाई के लिए मामला क्रम संख्या 102 पर सूचीबद्ध किया गया है।
इस सुनवाई की सबसे अहम पहलू वर्ष 2024 में भोजशाला परिसर में 98 दिनों तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए विस्तृत सर्वे की रिपोर्ट है। जिसे आज सुनवाई के दौरान पेश किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने खुली अदालत में यह सर्वे रिपोर्ट संबंधित पक्षों और उनके अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने गत जनवरी माह में भोजशाला के वास्तविक धार्मिक स्वरूप पर निर्णय के लिए सुनवाई हाई कोर्ट द्वारा किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए दिए थे।
इसके बाद गत 20 फरवरी को हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ ने भी आदेश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया कि भोजशाला मामले की सुनवाई इंदौर खंडपीठ में होगी।
यह है विवाद
भोजशाला को लेकर हिंदू समाज की मान्यता है कि यह 11वीं सदी में राजा भोज द्वारा निर्मित सरस्वती (वाग्देवी) मंदिर था, जिसे बाद में मस्जिद में बदला गया। वहीं, मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की दरगाह व मस्जिद मानता है। इसको लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है।
हिंदू फार जस्टिस संगठन की याचिका पर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एएसआइ को इस परिसर का वैज्ञानिक सर्वे करने का निर्देश दिया था। एएसआइ ने 22 मार्च से 27 जून 2024 तक लगातार 98 दिन परिसर का सर्वे करने के बाद अपनी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट जुलाई 2024 में हाई कोर्ट के समक्ष बंद लिफाफे में प्रस्तुत की थी। इसे अभी तक खोला नहीं गया है। यह रिपोर्ट काफी विस्तृत है, जिसमें 089 पृष्ठ हैं और इसे 10 खंडों में तैयार किया गया है।
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