आज लखनऊ के कई क्षेत्रों में रहेगा बिजली संकट, जल्दी से निपटा लें जरूरी काम
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/Bijli-1771811421866_m.webpसुगामऊ में पावर ट्रांसफार्मर किया गया ऊर्जीकृत, मिलेगा लाभ
जागरण संवाददाता, लखनऊ। गोमती नगर के विपिन खंड बिजली उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्र में बिजली से जुड़ा मरम्मत कार्य सोमवार यानी 23 फरवरी को किया जाएगा। इसके कारण बिजली संकट साढ़े पांच घंटे रहेगा। अधिशासी अभियंता तकनीकी के मुताबिक विशाल खंड तीन, चार व पांच के उपभोक्ताओं को सुबह 11:30 बजे से शाम पांच बजे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा।
इसी तरह विशाल खंड एक, दो, तीन और डिगडिगा गांव में सुबह 10:30 बजे से दोपहर साढ़े तीन बजे तक बिजली संकट रहेगा। गाेमती नगर सेक्टर पांच स्थित बिजली उपकेंद्र से संबंधित पीली कालोनी, अवधपुरी खंड एक, गीतापुरी, गीतापुरी चौराहा, केडीएस, जीपीएस स्कूल, डंगवाल मार्केट, वरदानी स्कूल सहित आसपास बिजली संकट सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक रहेगा। विश्वास खंड बिजली उपकेंद्र से संबंधित विनय खंड दो, चार, तीन, विवेक खंड चार, विश्वास खंड तीन, नेहरु एल्डिको ग्रीन दो के उपभोक्ताओं में यहां सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बिजली संकट रहेगाा।
दयाल फीडर के आसपास स्थित चालीस से पचास मकानों के आसपास बिजली संकट सुबह 10:30 बजे से शाम पांच बजे तक रहेगा। अहिबरनपुर बिजली उपकेंद्र से संबंधित खदरा चुंगी व आसपास बिजली संकट 23 फरवरी को दोपहर एक बजे से दोपहर तीन बजे तक रहेगा।
यह भी पढ़ें- यूपी में सड़क सुरक्षा के दावे \“धड़ाम\“: 2025 में हुए 50,000 से ज्यादा हादसे, मौतों का आंकड़ा 27 हजार के पार
जीएसआइ बिजली उपकेंद्र से संबंधित सेक्टर ए, कैलाश पार्क, ई, एस वन बी, बी टू और पल्टन छावनी के आसपास बिजली संकट सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे के बीच रहेगा। कपूरथला बिजली उपकेंद्र से संंबंधित सेक्टर ए, अलीगंज, भिंडिया टोला, पालिका बाजार, ज्ञान भवन, सहारा सेंटर के आसपास बिजली संकट सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा।
पावर ट्रांसफार्मर हुआ ऊर्जीकृत
बिजनेस योजना के अंतर्गत सुगामऊ बिजली उपकेंद्र पर पहले से लगे आठ एमवीए पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता दस एमवीए रविवार काे कर दी गई। अभियंताओं ने उसे चार्ज करते हुए चालू भी कर दिया। इससे एक बड़ी आबादी को बेहतर बिजली गर्मियों में मिल सकेगी। राजधानी के अलग अलग क्षेत्रों में छिटपुट विरोध के बाद भी बिजली कर्मियों के परिसर में मीटर लगाने का काम किया गया।
Pages:
[1]