एनसीआर में 250 कारों पर हाथ साफ करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 राज्यों में बेचते थे चोरी की कार; 2 गिरफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/modinagar-1771815573982-1771815619612_m.webpराजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात व दिल्ली में बेचते थे चोरी की कार, गिरोह में शामिल हैं 12 बदमाश। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, मोदीनगर। स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच व मोदीनगर पुलिस ने एनसीआर में वाहन चोरी करने वाले गिरोह का रविवार को पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार किए गए गिरोह के सरगना व साथी के कब्जे से चोरी की स्कार्पियो एन, आई-20 व ब्रेजा कार के अलावा पांच फर्जी नंबर प्लेट, रिमोट चाबी, ईसीएम व अन्य सामान बरामद किया गया है।
इस गिरोह में 12 आरोपित हैं। जो पिछले दस साल में 250 कार चोरी कर चुके हैं। चोरी की सभी कार राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात व दिल्ली में औने-पौने दामाें में बेची गई। पिछले दिनों मोदीनगर से एक स्कार्पियो एन चोरी हुई थी। यह कार भी आरोपितों ने चोरी कर राजस्थान में बेची है। कार अभी ट्रेस नहीं हुई है।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित हरेंद्र उर्फ हन्नी गुर्जर व अमित चौधरी है। हरेंद्र मूलरूप से मेरठ जिले के थाना रोहटा क्षेत्र के गांव किनोनी का रहने वाला है। फिलहाल दिल्ली के थाना खजूरी क्षेत्र के खजूरी खास में रह रहा है। यही गैंग का सरगना है।
अमित मेरठ के थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र की ड्रीम सिटी का रहने वाला है। आरोपित हरेंद्र पर दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ व हापुड़ में 27 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के दो आरोपित महताब उर्फ बच्चा व शमीम उर्फ पिल्ला को कुछ दिन पहले ही स्वाट टीम ने सिहानी गेट थाने से जेल भेजा था। आरोपिताें से बरामद ईसीएम भी एक थार कार का है, यह थार मयूर विहार दिल्ली से चोरी की थी।
चार लाख में फार्च्यूनर, तीन लाख में स्कार्पियो
गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि इन दिनों फार्च्यूनर व स्कार्पियो कार की डिमांड अधिक हैं। ऐसे में उनका भी फोकस इन कार को ही चोरी करने पर रहा। वे महज चार लाख में फार्च्यूनर व तीन लाख में स्कार्पियो बेच देते थे। रकम को आपस में बांट लेते थे।
गाजियाबाद स्वाट टीम के प्रभारी अनिल राजपूत ने बताया कि आरोपित शातिर तरीके से कार चोरी करते थे। ये ब्रेजा कार से रेकी करते थे। इसके बाद चोरी करने वाली कार का शीशा तोड़ देते थे, फिर बाेनेट खोलकर तत्काल ईसीएम व लाक बदल देते थे। कुछ ही देर में कार अपने कंट्रोल में लेकर फरार हो जाते थे। जो ब्रेजा कार इनसे बरामद हुई है, वह भी चोरी की है।इन अन्य साथी भी जल्द पकड़ लिये जाएंगे।
गिरोह के सभी आरोपितों पर अलग-अलग जिम्मेदारी
गिरोह के सभी आरोपितों पर वाहन चोरी से लेकर बेचने व डिलीवरी तक अलग-अलग जिम्मेदारी थी। अमित चौधरी का काम चोरी की कार की डिलीवरी कराना था। उसने पांच साल में 50 कार की डिलीवरी की है। इन कार के ईसीएम व नंबर प्लेट बदली हुई है।
हरेंद्र ने मेरठ के सोतीगंज में सीखे थे कार के पुर्जे बदलने
हरेंद्र उर्फ हन्नी 2014 से चोरी की घटनाएं कर रहा है। 2014 में वह ठग-ठग गिरोह के साथ जुड़ा और गाजियाबाद में कार से मोबाइल चोरी करने लगा। पुलिस ने जेल भेजा। जमानत पर आने के बाद मेरठ के सोतीगंज में गोल्डी सरदार के संपर्क में आया। यहां जीतू, उमरदराज व मेहराज के साथ गिरोह तैयार कर कार चोरी करनी शुरू कर दी।
सोतीगंज में ही उसने कार के पुर्जे बदलने व चोरी के वाहन बेचने सीखे। 2021 में परतापुर पुलिस ने चारों को जेल भेजा। जमानत पर आकर फिर से कार चोरी की। 2025 में फार्च्यूनर चोरी के आरोप में जेल गया। अब जमानत पर आने मोदीनगर से स्कार्पियो एन चोरी की।
दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की भी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जल्द सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।
- भास्कर वर्मा, एसीपी मोदीनगर।
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