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चिंतपूर्णी माता मंदिर में अब कम शुल्क देकर करवा सकेंगे हवन अनुष्ठान, न्यास ने लिया फैसला

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चिंतपूर्णी माता के पिंडी दर्शन। जागरण आर्काइव



संवाद सहयोगी, चिंतपूर्णी (ऊना)। माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में हवन की दरों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हवन शुल्क को 5100 रुपये से घटाकर 3100 रुपये निर्धारित कर दिया है। इस निर्णय के बाद अब श्रद्धालुओं को हवन करवाने के लिए दो हजार रुपये कम देने होंगे। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस कदम से अधिक श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकेंगे।

मंदिर न्यास के समक्ष यह विषय विचाराधीन रहा। पुजारी वर्ग से नियुक्त न्यास सदस्यों ने मंदिर प्रशासन के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि वर्तमान दरें कई श्रद्धालुओं के लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो रही हैं। उनका तर्क था कि बीते कुछ समय से हवन की संख्या में कमी देखी गई है, जिसका प्रमुख कारण शुल्क में वृद्धि रहा है।

कई श्रद्धालु विशेषकर मध्यमवर्गीय और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले भक्त उच्च शुल्क के कारण हवन करवाने से वंचित रह जाते थे। ऐसे में दरों में संशोधन समय की मांग बन चुका था। न्यास सदस्यों ने यह भी उल्लेख किया कि चिंतपूर्णी धाम में प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं और हवन को धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।
हवन सनातन परंपराओं के संरक्षण का माध्यम

हवन व्यक्तिगत श्रद्धा के प्रतीक के साथ सनातन परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन का माध्यम भी है। यदि आर्थिक कारणों से श्रद्धालु इस अनुष्ठान से दूर होते हैं तो इसका प्रभाव धार्मिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सर्वसम्मति से दरों को कम करने का निर्णय लिया गया।
अनुष्ठान की गुणवत्ता में नहीं होगी कमी

मंदिर प्रशासन के अनुसार नई दरें लागू कर दी गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शुल्क में कमी के बावजूद अनुष्ठान की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। हवन पूर्व की भांति निर्धारित नियमों और परंपराओं के अनुसार ही संपन्न कराया जाएगा।
धार्मिक चेतना होती है मजबूत

पुजारी वर्ग से राजेश कालिया, रोहण कालिया, अंकुश कालिया और सुभाष कालिया ने कहा कि जब श्रद्धालु बिना आर्थिक दबाव के धार्मिक अनुष्ठान कर पाते हैं तो उनकी सहभागिता बढ़ती है और धार्मिक चेतना मजबूत होती है।

श्रद्धालु मनमोहन सिंह, पवन कुमार, निक्का राम, राजन, अमित और सतीश का कहना था कि कि हवन दरों में कमी से मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। मंदिर न्यास के वित्त एवं लेखा अधिकारी राजेंद्र कटोच ने हवन की दरों में कटौती की पुष्टि की है।

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