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590 करोड़ का बैंक घोटाला! हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में संदिग्ध लेनदेन, चार अधिकारी निलंबित

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खाते के मिलान के दौरान बैंक रिकॉर्ड और विभाग द्वारा बताए गए बैलेंस में भारी अंतर सामने आया।



राजेश मलकानियां, पंचकूला। हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और नगर निगम पंचकूला से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के कथित हेरफेर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने अपनी सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में हुए फ्राॅड को स्वीकार कर लिया है। बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में माना है कि उसकी चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारी हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में संदिग्ध लेनदेन में शामिल पाए गए हैं।

बैंक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक व कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि जिम्मेदार कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त सिविल और क्रिमिनल एक्शन लिया जाएगा। मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने बैंक को अपना खाता बंद कर दूसरी बैंक में फंड ट्रांसफर करने का अनुरोध किया।

खाते के मिलान के दौरान बैंक रिकॉर्ड और विभाग द्वारा बताए गए बैलेंस में भारी अंतर सामने आया। 18 फरवरी 2026 के बाद अन्य सरकारी इकाइयों ने भी अपने खातों की समीक्षा की तो गड़बड़ी की परतें खुलती चली गईं।

बैंक के शुरुआती आंतरिक रिव्यू में यह मामला चंडीगढ़ ब्रांच द्वारा संचालित हरियाणा सरकार से जुड़े खातों के एक विशेष समूह तक सीमित बताया गया है। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि अन्य विभागों की राशि में भी हेरफेर हो सकता है।
100 करोड़ जमा, अब रकम पर संकट

सूत्रों के मुताबिक अधिक ब्याज दर के लालच में नगर निगम पंचकूला और कालका नगर परिषद ने अपने खाते और एफडीआर इस निजी बैंक की सेक्टर-32 शाखा में खोले थे।

बैंक अधिकारियों ने दावा किया था कि उनका बैंक हरियाणा सरकार के पैनल पर है और सर्वाधिक ब्याज दे रहा है। समीक्षा के बाद दोनों निकायों ने करीब 100 करोड़ रुपये जमा करवा दिए थे। हालिया जांच में खातों के मिलान के दौरान रकम में गड़बड़ी के संकेत मिले।
बेनिफिशियरी खातों पर लियन मार्क

बैंक ने संदिग्ध ट्रांजैक्शनों से जुड़े अन्य बैंकों को रिकॉल रिक्वेस्ट भेजकर बेनिफिशियरी खातों में उपलब्ध बैलेंस पर लियन मार्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही एक स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से फोरेंसिक ऑडिट कराने की तैयारी चल रही है, ताकि पूरे फ्रॉड की परत-दर-परत जांच हो सके।
कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका

सूत्रों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ रही है। कुछ कर्मचारी रडार पर हैं और उनकी तलाश जारी है। नगर निगम पंचकूला और कालका नगर परिषद के अधिकारी अपनी जमा राशि सुरक्षित वापस लेने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
31 मार्च तक खाते बंद करने के आदेश

हरियाणा सरकार ने 31 मार्च तक सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को निजी बैंकों से अपनी जमा राशि निकालने और खाते बंद करने के निर्देश दिए हैं। भविष्य में सरकारी खाते केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही खोले जाएंगे। यदि विशेष परिस्थिति में निजी बैंक में खाता खोलना अनिवार्य हो, तो वित्त विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

बिना अनुमति खाता खोलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक और वित्तीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 590 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले ने प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों और फोरेंसिक ऑडिट की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे तय होगा कि आखिर इस महाघोटाले का असली मास्टरमाइंड कौन है और जनता का पैसा कितनी हद तक सुरक्षित रह पाएगा।
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