बिहार सरकार लाएगी बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन गेमिंग पर नया कानून
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/scrin-1771836149096_m.webpबिहार सरकार अब बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर गंभीर
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार सरकार अब बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर गंभीर कदम उठाने जा रही है। विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। जदयू विधायक समृद्ध वर्मा के सवाल पर सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बच्चों की डिजिटल लत चिंता का विषय है। सरकार ऑनलाइन गेमिंग और अनियंत्रित मोबाइल उपयोग पर कानून लाने की तैयारी में है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण की तैयारी
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सदन में कहा कि ऑनलाइन गेम्स के दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। कई मामलों में बच्चों की पढ़ाई और व्यवहार पर इसका असर देखा गया है।
सरकार इस पर व्यापक नीति बनाने के लिए विचार-विमर्श कर रही है। नए कानून में आयु सीमा, समय सीमा और निगरानी व्यवस्था शामिल हो सकती है। अभिभावकों की भूमिका को भी मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने की दिशा में भी कदम उठेंगे।
विधायक निधि पर भी गरमा-गरम बहस
बजट सत्र के 15वें दिन विधायक निधि बढ़ाने को लेकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने विधायक फंड 4 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने की मांग की। हंगामे के बीच डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि विधायकों की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। सदन में कई अन्य मुद्दों पर भी तीखी बहस देखने को मिली। हालांकि स्क्रीन टाइम का मुद्दा चर्चा का केंद्र बना रहा।
ऑनलाइन लत से बच्चों को बचाने की पहल
सरकार का मानना है कि मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत समाज के लिए चुनौती बन रही है। स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना है।
विशेषज्ञों की सलाह लेकर कानून का प्रारूप तैयार किया जाएगा। बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाना प्राथमिकता होगी। सरकार जल्द ही इस संबंध में ठोस प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस कानून को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
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