बुलेट ट्रेन की चर्चा के बीच खगड़िया–अलौली रेल सेवा सवालों में, सिर्फ एक जोड़ी गाड़ी, टाइमिंग भी अव्यवहारिक
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/Khagaria-Alauli-Rail-Service1-1771839752530_m.webpअलौली रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन की खाली पड़ी सीट।
जागरण संवाददाता, खगड़िया। : खगड़िया–कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना के तहत खगड़िया से अलौली तक ट्रेन की पटरी बिछाकर परिचालन शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से स्थानीय लोगों की मांग और संघर्ष के बाद 24 अप्रैल 2025 से इस खंड पर ट्रेन सेवा प्रारंभ हुई। हालांकि, खगड़िया से अलौली के बीच केवल एक जोड़ी सवारी गाड़ी चलाए जाने और उसकी समय-सारिणी को लेकर क्षेत्र के लोगों में असंतोष है। फरकिया क्षेत्र के यात्रियों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था उनके लिए व्यवहारिक नहीं है।
29 वर्ष बाद शुरू हुआ आंशिक परिचालन
खगड़िया–कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना की शुरुआत तत्कालीन रेल मंत्री एवं अलौली प्रखंड के शहरबन्नी निवासी स्व. रामविलास पासवान के कार्यकाल (1 जून 1996 से 19 मार्च 1998) में हुई थी। कुल 42 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में करीब 29 वर्ष बाद खगड़िया से अलौली के बीच 18.542 किलोमीटर रेलखंड पर ट्रेन परिचालन संभव हो सका है।
मात्र एक जोड़ी सवारी गाड़ी
वर्तमान में अलौली और खगड़िया के बीच केवल एक जोड़ी सवारी गाड़ी चलाई जा रही है। सहरसा से समस्तीपुर के बीच चलने वाली सवारी गाड़ी संख्या 55523 का अलौली स्टेशन पर आगमन और प्रस्थान समय अपराह्न 1:50 बजे है। वहीं, समस्तीपुर से सहरसा जाने वाली गाड़ी संख्या 55524 का अलौली आगमन समय पूर्वाह्न 11:00 बजे और प्रस्थान 11:14 बजे निर्धारित है। इस रेलखंड पर बिशनपुर और कामाथान दो मध्यवर्ती स्टेशन हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि यात्रियों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यात्रियों की परेशानी
21 फरवरी को अलौली स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे रामपुर-छर्रापट्टी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि वे अपनी पत्नी को इलाज के लिए पटना ले जा रहे हैं। यदि सुबह छह से सात बजे के बीच ट्रेन होती, तो वे एक ही दिन में इलाज कर वापस लौट सकते थे। इसी तरह रेल यात्री गिरीश रजक ने बताया कि वे भी पत्नी का इलाज कराने खगड़िया जा रहे हैं, लेकिन वापसी के लिए उन्हें ऑटो का सहारा लेना पड़ेगा। यात्रियों का कहना है कि सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों के साथ बाजार भी पूर्वाह्न 10 बजे के बाद खुलते हैं। ऐसे में सुबह 7 से 8 बजे के बीच प्रस्थान और शाम 5 से 6 बजे के बीच वापसी का समय अधिक उपयुक्त रहेगा।
लंबी दूरी की ट्रेनों की मांग
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि अलौली से लंबी दूरी की ट्रेनों का सीधा परिचालन शुरू होने से अलौली प्रखंड के साथ-साथ दरभंगा और सहरसा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। उनका मानना है कि वर्तमान में केवल प्रतीकात्मक परिचालन किया जा रहा है, ताकि रेल पटरी का रखरखाव होता रहे।
समय-सारिणी की हो रही समीक्षा
समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बताया कि अलौली–खगड़िया रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन समय की समीक्षा की जा रही है। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेल प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और समय-सारिणी में बदलाव कर इस रेल सेवा को वास्तव में उपयोगी बनाएगा।
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