LHC0088 Publish time 1 hour(s) ago

कौन है आतंकी शब्बीर अहमद लोन? हाफिज सईद के संपर्क में था लश्कर मॉड्यूल का हैंडलर

Lashkar Terrorist India Plan: तीन राज्यों में चलाए गए एक बड़े एंटी-टेररिज्म ऑपरेशन के तहत दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से सात बांग्लादेशी नागरिक हैं। एक अधिकारी ने कहा कि ये सातों बांग्लादेशी गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुसे थे। फिर उन्होंने नकली पहचान पत्र बनवा लिए थे।



ये गिरफ्तारियां पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मिलकर की गई छापेमारी के बाद हुई। इससे पहले, जांचकर्ताओं ने दिल्ली में कई जगहों पर मारे गए आतंकवादी बुरहान वानी की तस्वीर वाले पाकिस्तान समर्थक और आतंकवाद समर्थक पोस्टर चिपकाने में एक ग्रुप के शामिल होने का पता लगाया था।



कौन है शब्बीर अहमद लोन?




संबंधित खबरें
LCA Tejas: \“IAF का कोई तेजस नहीं हुआ है क्रैश...\“, HAL ने दी ये बड़ी जानकारी अपडेटेड Feb 23, 2026 पर 4:27 PM
Tamil Nadu SIR Voter List 2026: SIR के बाद तमिलनाडु वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, हटाए गए 74 लाख नाम; अब राज्य में कुल 5.67 करोड़ मतदाता अपडेटेड Feb 23, 2026 पर 4:15 PM
सोते समय पिता पर चाकू से वार, बाप की कातिल बनीं दो बेटियां! कत्ल की वजह जानकर दंग रह जाएंगे आप अपडेटेड Feb 23, 2026 पर 3:52 PM

एडिशनल पुलिस कमिश्नर (स्पेशल सेल) प्रमोद सिंह कुशवाहा ने कहा कि लश्कर मॉड्यूल को बांग्लादेश से शब्बीर अहमद लोन उर्फ ​​राजा कश्मीरी युवाओं को ऑपरेट कर रहा था। शब्बीर जम्मू और कश्मीर का एक ट्रेंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी है। इससे पहले 2007 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शब्बीर को AK-47 राइफल और ग्रेनेड समेत हथियार एवं गोला-बारूद की बरामदगी से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था।



अधिकारी ने कहा कि श्रीनगर के कंगन का रहने वाला शब्बीर 2018 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद बांग्लादेश भाग गया था। तब से शब्बीर भारत में गैर-कानूनी तरीके से रह रहा था। उसने अपने आतंकी संगठन से जुड़े बांग्लादेशियों के स्लीपर सेल को एक्टिवेट करके लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नेटवर्क को फिर से खड़ा करने का काम कर रहा था।



कुशवाह ने कहा, “सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के शिफ्ट इंचार्ज ने 8 फरवरी को जनपथ मेट्रो स्टेशन पर पाकिस्तान और आतंकवाद के समर्थन में पोस्टर चिपकाने के बारे में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जांच शुरू हुई। बाद में दिल्ली में दूसरी जगहों पर भी ऐसे ही पोस्टर मिले।“ पोस्टरों पर मारे गए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकवादी वानी की तस्वीरें थीं।



हाफिज सईद के संपर्क में था लोन



शब्बीर अहमद लोन पिछले हफ्ते दिल्ली में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी मॉड्यूल का कथित हैंडलर था। वह भारत में पैदा हुआ था। लेकिन वह बांग्लादेश में रहता था। सूत्रों ने NDTV को बताया कि शब्बीर अहमद लोन LeT के फाउंडर एवं चीफ आतंकी हाफिज सईद और उसके सीनियर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी के सीधे संपर्क में था। सईद और लखवी भारत के वॉन्टेड आतंकवादियों की लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। सूत्रों ने कहा कि उनके आकाओं के कोड नेम \“चाचा जी\“ या \“अंकल\“ थे। जबकि लखवी का हैंडल \“ताया जी\“ या \“बड़े चाचा\“ था।



NDTV को यह भी पता चला कि लोन LeT के तीसरे बड़े आतंकवादी अबू अल कामा का करीबी था। इसका पिछले साल दिल्ली के लाल किले पर हुए कार बम हमले और 2008 के मुंबई हमलों से संबंध रहा है। खबर यह भी है कि अल कामा ने 2005 में लोन को आतंकवाद की दुनिया में भर्ती किया था। सूत्रों ने बताया कि लोन अपने कॉन्टैक्ट्स से मिलने और बांग्लादेशी नागरिकों की भर्ती में मदद करने के लिए अक्सर दिल्ली आता था। इंटेलिजेंस अधिकारियों ने बताया कि उसका मुख्य काम एक बड़ी साजिश के तहत भारत में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे लोगों की भर्ती करना और उन्हें कट्टरपंथी बनाना था।



लश्कर आतंकियों पर दिल्ली पुलिस की कड़ी नजर



एडिशनल पुलिस कमिश्नर (स्पेशल सेल) प्रमोद सिंह कुशवाहा ने कहा कि बांग्लादेश में हाल के हालात को देखते हुए स्पेशल सेल पहले से ही बांग्लादेशी लिंक वाले लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों की एक्टिविटी पर नजर रख रही थी। एनालिसिस के आधार पर एक टीम ने कोलकाता के हतियारा गोटे के मजहरपारा में दो सस्पेक्ट्स को ढूंढा। इसके बाद 15 फरवरी को रेड की गई, जिससे दो आरोपियों 31 वर्षीय उमर फारूक और बांग्लादेश के मूल निवासी 31 वर्षीय रोबिउल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया।



अधिकारी ने कहा, “21 फरवरी को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में एक साथ रेड की गई, जिससे टेररिस्ट ऑर्गनाइज़ेशन से जुड़े छह और लोगों को अरेस्ट किया गया।“ इनकी पहचान मोहम्मद मिजानुर रहमान (32), मोहम्मद सेफायत हुसैन (34), मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम (40), मोहम्मद लिटन (40), मोहम्मद उज्जल (27) और उमर (32) के रूप में हुई है। ये सभी बांग्लादेश के बोगुरा जिले के मूल निवासी हैं।



उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि फारूक मार्च 2025 में शब्बीर के संपर्क में आया। उसने उसे रेडिकलाइज किया। आरोप है कि लोन ने फारूक को भारत में लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन्स को लीड करने के लिए अपॉइंट किया। इसमें भारतीय पहचान पत्र हासिल करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों का इस्तेमाल किया गया। दिसंबर 2025 में फारूक को भारत में जरूरी ठिकानों की रेकी करने और अपने हैंडलर को वीडियो भेजने का निर्देश दिया गया था।



बांग्लादेशी नागरिकों को भर्ती करने का दिया था निर्देश



एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने कहा, “रेकी पूरी करने के बाद उसे आगे के निर्देशों के लिए बांग्लादेश जाने और भारत में गैर-कानूनी रूप से रह रहे और बांग्लादेशी नागरिकों को भर्ती करने का निर्देश दिया गया था।“ पुलिस ने कहा कि फारूक ने शब्बीर के निर्देशों के अनुसार कोलकाता में एक जगह किराए पर ली। फिर शब्बीर के साथ जानकारी शेयर की। इस जगह का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए बेस के तौर पर किया जाना था। शब्बीर ने फारूक को हथियार खरीदने का भी निर्देश दिया, जिसके लिए उसने लोकल सोर्स से संपर्क करना शुरू कर दिया।



6 फरवरी को फारूक और रोबिउल इस्लाम कोलकाता से पटना होते हुए दिल्ली के लिए फ्लाइट में सवार हुए। 7 फरवरी की रात को उन्होंने दिल्ली में 10 जगहों पर पाकिस्तान और आतंकवाद के समर्थन में पोस्टर चिपकाए। इस काम का वीडियो बनाया और शब्बीर को भेजा। फिर वे 8 फरवरी को ट्रेन से कोलकाता लौटे।



कुशवाह ने कहा, “शब्बीर ने उन्हें बधाई दी और कोलकाता में भी ऐसा ही करने को कहा। बाद में दोनों ने पश्चिम बंगाल की राजधानी में कई जगहों पर ऐसे ही पोस्टर चिपकाए और शब्बीर के साथ वीडियो शेयर किए। शब्बीर का एक और साथी सैदुल इस्लाम था, जो अभी विदेश में रह रहा एक बांग्लादेशी नागरिक है। सैदुल इस्लाम ने शब्बीर को गैर-कानूनी तरीके से बांग्लादेश में घुसने में मदद की और वहां उसके छिपने का इंतजाम किया। सैदुल इस्लाम ने शब्बीर और फारूक को तमिलनाडु के एक गैंग के बारे में भी जानकारी दी।“



कई संदिग्ध सामान बरामद



तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के किराए के घर से पाकिस्तान और आतंकवाद के समर्थन वाले पोस्टर, साथ ही 10 मोबाइल फोन जब्त किए। इनमें आपत्तिजनक सामान था। उन्होंने 25 क्रेडिट और डेबिट कार्ड, पांच पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनें और बांग्लादेशी पासपोर्ट एवं पहचान पत्र भी जब्त किए। अधिकारी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और संभावित हवाला कनेक्शन की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अपनी बांग्लादेशी पहचान छिपाने के लिए भारतीय आईडी कार्ड बनवाकर गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुस आए थे।



लश्कर कैंप में लिया ट्रेनिंग



कुशवाह ने कहा कि श्रीनगर के रहने वाले शब्बीर को स्पेशल सेल ने 2007 में अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उसके जमात-उद-दावा (JuD) चीफ हाफिज सईद और उसके डिप्टी जकी-उर-रहमान लखवी से सीधे लिंक पाए गए थे। उसने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में लश्कर-ए-तैयबा के कैंप में बेसिक (दौरा-ए-आम) और एडवांस्ड (दौरा-ए-खास) टेररिस्ट ट्रेनिंग ली थी।



ये भी पढे़ं- Iran-US Tensions: \“तत्काल तेहरान से निकल जाएं\“; अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भारत ने जारी की एडवाइजरी



पुलिस ने कहा कि लोन को पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से सपोर्ट और फाइनेंशियल मदद मिली। इसका इस्तेमाल टेररिस्ट प्लॉट के लिए भारत में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को भर्ती करने के लिए किया गया था। 2007 के केस के अलावा शब्बीर पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत भी कार्रवाई चल रही है। 2011 में दिल्ली के हरि नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक और क्रिमिनल केस में वह नामजद है। पुलिस ने कहा कि समय पर हुई गिरफ्तारी से भारत में आतंकवादी हमलों का खतरा टल गया है।
Pages: [1]
View full version: कौन है आतंकी शब्बीर अहमद लोन? हाफिज सईद के संपर्क में था लश्कर मॉड्यूल का हैंडलर