LG मनोज सिन्हा ने गुलमर्ग में 6वें खेलो इंडिया विंटर गेम्स का किया उद्घाटन, बोले- राष्ट्रीय उत्सव बन चुका है यह खेल
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/omar-abdullah-(64)-1771854533873_m.webpLG मनोज सिन्हा ने गुलमर्ग में 6वें खेलो इंडिया विंटर गेम्स का किया उद्घाटन। फोटो जागरण
राज्य ब्यूरो, जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को गुलमर्ग में 6वें खेलो इंडिया विंटर गेम्स का उद्घाटन किया। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
उपराज्यपाल ने कहा कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स अब एक साधारण खेल आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सच्चा राष्ट्रीय उत्सव बन चुका है। यह आयोजन शांति, समानता और सौहार्द के आदर्शों को पुनर्जीवित करता है।
उन्होंने कहा कि विविध भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं से परिपूर्ण भारत में गुलमर्ग में आयोजित ये शीतकालीन खेल एक साझा विरासत और एक सार्वभौमिक भाषा के रूप में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गुलमर्ग के स्की ढलानों पर होने वाले ये खेल जीवन की चुनौतियों का प्रतिबिंब हैं, जो खिलाड़ियों में दृढ़ता और आत्मविश्वास का निर्माण करते हैं। गिरना, गलतियों का विश्लेषण करना और फिर बेहतर होकर उठना यही खेलों की सच्ची सीख है।
उपराज्यपाल ने कहा कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स का व्यापक उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे राष्ट्र की खेल विरासत, एकता और खेलों की परिवर्तनकारी शक्ति का उत्सव है, जो हर नागरिक और खिलाड़ी को जोड़ते हुए उनमें अटूट चरित्र और प्रेरणा का संचार करता है।
उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना की उच्चतम मर्यादाओं का पालन करने और प्रतियोगिता के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यहां खिलाड़ी की पहचान केवल उसके प्रदर्शन से होगी, जहां उसका कौशल, अनुशासन और दृढ़ संकल्प नए चैंपियनों को जन्म देगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि एल्पाइन स्कीइंग, नार्डिक स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और स्की माउंटेनियरिंग जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का कठोर प्रशिक्षण और समर्पण दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि शीतकालीन खेलों में खिलाड़ी प्रकृति की चुनौतियों से मुकाबला करते हैं, जहां तकनीकी दक्षता, वर्षों की साधना से मिली स्थिरता और अदम्य साहस की परीक्षा होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक सच्चे खिलाड़ी का चरित्र केवल जीत में नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी सामने आता है। असली खिलाड़ी विजय में विनम्र और पराजय में गरिमामय रहता है।उपराज्यपाल ने कहा कि 26 फरवरी को होने वाले समापन समारोह में खेलों की सफलता केवल पदकों से नहीं, बल्कि एकता, पारस्परिक सम्मान और उत्कृष्टता की निरंतर खोज से आंकी जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में खेल क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत अत्याधुनिक खेल अधोसंरचना और 100 खेलो इंडिया केंद्रों की स्थापना ने प्रदेश के खेल परिदृश्य को नई दिशा दी है।चार दिवसीय खेलो इंडिया विंटर गेम्स में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 1,000 खिलाड़ी और अधिकारी भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, युवा सेवा एवं खेल मंत्री सतीश शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, गुलमर्ग से विधायक फारूक अहमद शाह, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, आयुक्त सचिव युवा सेवा एवं खेल विभाग डा. शाहिद इकबाल चौधरी, मंडलाआयुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग, बारामुला के उपायुक्त मिंगा शेरपा, जम्मू एवं कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल, वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय खेल प्राधिकरण और विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधि, प्रमुख खेल हस्तियां और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे।
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