cy520520 Publish time Yesterday 22:26

उत्तराखंड में कोडीन सिरप और मनप्रभावी दवाओं पर एफडीए का शिकंजा, तीन जिलों में कार्रवाई

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/Shop-Seal-1771866448091_m.webp

निरीक्षण के दौरान दवा की दुकान सील करती वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती।



जागरण संवाददाता, देहरादून। कोडीन युक्त सिरप और मनप्रभावी दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग और गैरकानूनी कारोबार को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने तीन जिलों में कार्रवाई की।

देहरादून में दो दुकानों को सील, जबकि हरिद्वार में दवाओं का स्टाक सीज किया गया है। वहीं, ऊधमसिंहनगर में एक दुकान पर नोटिस चस्पा किया गया है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य सचिव एवं एफडीए आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर की गई।

सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोडीन युक्त सिरप और मनप्रभावी दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग और गैरकानूनी कारोबार को रोकने के लिए नियमित कार्रवाई की जाए। जिस पर अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने औषधि निरीक्षकों की तीन टीमें गठित की।

जनपद देहरादून में तैनात औषधि निरीक्षकों को हरिद्वार, हरिद्वार के अधिकारियों को देहरादून व नैनीताल जनपद में तैनात औषधि निरीक्षकों को ऊधम सिंह नगर का जिम्मा सौंपा गया है।

उन्हें दुकानों का औचक निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सोमवार को छापेमारी में देहरादून के हर्बटपुर क्षेत्र की मिस्टिक फार्मा हेल्थकेयर और ट्रस्ट वे फार्मास्यूटिकल में नियमों का उल्लंघन पाया गया।

दोनों दुकानों को सील कर संबंधित थाने को चाबी सौंप दी गई। हरिद्वार के एनिमेंटिस लाइफ साइंसेज सालमपुर, बहादराबाद में भी अनियमितताएं मिलीं। यहां उपलब्ध दवाओं का स्टाक सीज कर आगे कार्रवाई शुरू की गई।

ऊधम सिंह नगर के फ्यूटेक फार्मास्यूटिकल्स रुद्रपुर पर टीम के पहुंचने पर दुकान बंद मिली। टीम ने फर्म के शटर पर औषधि अधिनियम के तहत नोटिस चस्पा कर मालिक को फोन कर टीम की मौजूदगी में दुकान खोलने के निर्देश दिए।

अपर आयुक्त ने कहा कि यह कार्रवाई प्रदेशभर में लगातार चलती रहेगी। जनता से अपील की गई है कि किसी भी शिकायत या सूचना को तुरंत विभाग को दें, ताकि समय पर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।


निगरानी तंत्र को अधिक सशक्त और औषधि अनुज्ञप्ति धारकों की जवाबदेही तय की जा रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, अवैध भंडारण, बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री या रिकार्ड में हेरफेर पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विभाग पारदर्शिता, जवाबदेही और सतत निरीक्षण की नीति पर कार्य कर रहा है तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

सचिन कुर्वे, स्वास्थ्य सचिव

अवैध दवा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित किए गए हैं। क्रास-डिस्ट्रिक्ट जांच व्यवस्था लागू की गई है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सभी औषधि निरीक्षकों को नियमित औचक निरीक्षण करने और प्रत्येक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी और अभियान पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा।

ताजबर सिंह जग्गी, अपर आयुक्त एफडीए


यह भी पढ़ें- सूखी खांसी में चेन की नींद देने वाला कोडीन युक्त कफ सीरप बाजार से गायब, दवा कारोबारियों ने बंद की बिक्री

यह भी पढ़ें- नेपाल ले जायी जा रही 119 शीशी कोडीन कफ सीरप पकड़ी, तीन आरोपित गिरफ्तार; कैप्सूल भी बरामद https://www.jagranimages.com/images/womenday780x100.png?v1https://www.jagranimages.com/images/womendayANI380x100.gif
Pages: [1]
View full version: उत्तराखंड में कोडीन सिरप और मनप्रभावी दवाओं पर एफडीए का शिकंजा, तीन जिलों में कार्रवाई