LHC0088 Publish time 2026-2-24 06:26:14

दिल्ली के कूड़ा पहाड़ों पर नए नियमों से होगा कचरा निस्तारण, MCD ने तीसरे चरण के लिए RFP शर्तों में किया बदलाव

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कूड़े के पहाड़ों का निस्तारण अब केंद्र सरकार के ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप होगा।



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तीन कूड़े के पहाड़ों का निस्तारण अब केंद्र सरकार के ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप होगा। इसके लिए एमसीडी ने तीसरे चरण के तहत लैंडफिल पर शेष बचे हुए कचरे के निस्तारण के लिए आमंत्रित किए जाने वाले रिक्वेट फॉर प्रोपोजल (आरएफपी) की शर्तों में बदलाव को मंजूरी दी है।

एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक में गाजीपुर, भलस्वा और ओखला लैंडफिल पर पड़े हुए कचरे के निस्तारण के लिए जारी की गई आरएफपी की शर्तों में बदलाव किया गया है। इसके तहत लैंडफिल पर जो भी नया और पुराना कचरा पड़ा है उसका निस्तारण नए नियमों के तहत किया जाना है।

ऐसे में जो भी एजेंसी आरएफपी में भाग लेगी उसे अब इन शर्तों का पालन करना होगा। एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने नए ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। एक अप्रैल 2026 से पूरे देश में इन्हें लागू किया जाना है। पूर्व के नियमों के तहत केवल दो तरह गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करके उसके निस्तारण पर जोर दिया गया था। जबकि नए नियमों में चार तरह से कचरे को अलग-अलग करके उसका निस्तारण करना है।

वहीं, लैंडफिल को खत्म करने के लिए नियम बनाया गया है कि केवल लैंडफिल पर वहीं कचरा जाएगा जिसे रिसाइकिल या फिर वेस्ट टू एनर्जी के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि चूंकि नये नियमों का पालन एमसीडी को भी करना होगा इसलिए हमने इन लैंडफिल साइट के कूड़े के निस्तारण पर नई शर्ते जोड़ी हैं।

उल्लेखनीय है कि ओखला लैंडफिल साइट को जुलाई 2026 तक समाप्त किया जाना है और गाजीपुर को दिसंबर 2027 तक जबकि भलस्वा लैंडफिल को दिसंबर 2026 तक खत्म किया जाना है। एमसीडी ने 30-30 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण का कार्य दूसरे चरण के तहत शुरू कर रखा है। इसके बाद से जो कूड़ा लैंडफिल पर शेष बचेगा इसके लिए तीसरे चरण के तहत कार्य होना है।
पार्षदों ने उठाया आवारा पशुओं और कुत्तों का मुद्दा

स्थायी समिति की बैठक में पार्षद निगम द्वारा बेसहारा जानवरों और आवारा कुत्तों को लेकर की जाने वाली कार्रवाई से संतुष्ठ नहीं दिखे। पार्षदों ने बेसहारा जानवरों के कारण होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया तो वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी आवारा कुत्तों के फीडिंग प्वाइंट बनाए जाने के बाद भी नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया।

भाजपा पार्षद जगमोहन महलावत, राजपाल सिंह और स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सुंदर सिंह ने बेसहारा गाय के कारण होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। वहीं, भाजपा की पार्षद शिखा भारद्वाज ने कहा कि आवारा कुत्तों को ेेलेकर एमसीडी ने फीडिंग प्वाइंट बनाए हैं लेकिन कहां पर इसकी कोई जानकारी नहीं है। रोज नए-नए मामले लोगों को कुत्तों द्वारा शिकार होने के आ रहे हैं।
पार्को के सुधार के लिए आरडब्ल्यूए को राशि देने को मंजूरी

एमसीडी ने पार्कों को गोद लेने वाली आरडब्ल्यूए को दी जाने वाली सहायता राशि देने की संशोधित नीति को मंजूरी दे दी है। एमसीडी के अनुसार दिल्ली के निगम पार्कों के रखरखाव के लिए सभी आरडब्ल्यूए को माली को एक समान 13,500 रुपये प्रदान की जाएगी। इसकी निगरानी निगम प्रशासन करेगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्वकालिक दक्षिणी और उत्तरी के साथ पूर्वी निगम में अलग-अलग दरें थी जिन्हें एमसीडी ने एकीकृत रूप से मंजूर कर दिया है। वहीं, सामुदायिक केंद्रों का उपयोग कौशल विकास केंद्रों के तौर पर किया जाएगा।

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