यूपी में विश्वविद्यालय खोलने पर स्टांप शुल्क में मिलेगी भारी राहत, आकांक्षी जिलों में शतप्रतिशत छूट
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/24/article/image/up-government-1771907334921_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। उच्च शिक्षा में निवेश आकर्षित करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अब बहुविषयक शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (एमईआरयू) स्थापित करने पर जमीन की रजिस्ट्री में स्टाम्प शुल्क में छूट दी जाएगी। यह सुविधा ‘उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति-2024’ के तहत मिलेगी और गजट प्रकाशन की तारीख से लागू मानी जाएगी।
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग की अधिसूचना के मुताबिक जिन जिलों में पहली बार एमईआरयू स्थापित होगा, वहां भूमि लागत के आधार पर छूट तय की गई है। 50 करोड़ रुपये तक की लागत पर 50 प्रतिशत, 50 करोड़ से 150 करोड़ रुपये तक 30 प्रतिशत और 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत होने पर 20 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट मिलेगी।
यदि कोई एमईआरयू आकांक्षी जिले में स्थापित होता है, तो उसे अधिकतम 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश में स्थापित होने वाले पहले पांच विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों (एफएचईआई) और नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) में शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों द्वारा स्थापित एमईआरयू को भी पूर्ण (100 प्रतिशत) छूट मिलेगी।
इसके लिए संबंधित संस्थानों को यूजीसी के तय मानकों और वैश्विक रैंकिंग की शर्तें पूरी करनी होंगी। विभाग ने यह छूट केवल विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर पर ही लागू होगी। रजिस्ट्री के समय जिला मजिस्ट्रेट या उच्च शिक्षा विभाग का अधिकृत अधिकारी यह प्रमाणित करेगा कि नीति के अनुरूप है।
नीति के तहत संस्थान को छूट की राशि के बराबर पांच वर्ष के लिए वैध बैंक गारंटी देना अनिवार्य होगा। साथ ही भूमि पंजीकरण के पांच वर्ष के भीतर लेटर आफ परमिशन (एलओपी) हासिल करना जरूरी है। https://www.jagranimages.com/images/womenday780x100.png?v1https://www.jagranimages.com/images/womendayANI380x100.gif
Pages:
[1]