चिंताजनक: मोबाइल बना नजर का दुश्मन, कमजोर हो रहीं बच्चों की आंखें
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/24/article/image/child-mobile-R-1768638636484-1771917107409_m.webpजगदीप शुक्ल, सीतापुर। बच्चे का दिल बहलाने के लिए यदि आप उसके हाथ में मोबाइल थमाकर पीछा छुड़ाते हैं तो यह प्रवृत्ति चिंताजनक है। यह प्रवृत्ति बच्चों की आंखों को कमजोर बना रही है। नेत्र रोगों के उपचार के लिए ख्यातिलब्ध सीतापुर आंख अस्पताल ने चौंकाने वाले आंकड़े दिए हैं।
बीते पांच वर्ष में यहां के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आठ लाख से अधिक नेत्र रोगी उपचार को पहुंचे, जिनमें ढाई लाख से अधिक बच्चे थे। इन बच्चों में 88 हजार बच्चों के आंखों में दिक्कत का कारण मोबाइल स्क्रीन पर अधिक समय बिताना था। डाक्टरों के मुताबिक, कोरोना काल के बाद यह समस्या तेजी से बढ़ी है।
लोग स्क्रीन पर औसतन तीन-चार घंटे व्यतीत कर रहे हैं। इनमें बड़े और बच्चे दोनों शामिल हैं।डाक्टर अब तक मानते थे कि पोषण में कमी के कारण आंखें कमजोर होती हैं, लेकिन ऐसे बच्चों की नजरें भी कमजोर हो रही हैं, जिनमें पोषण की कमी नहीं मिली। इसका बड़ा कारण बढ़ता स्क्रीन टाइम है।
सीतापुर आंख अस्पताल की डॉ. निखत फातिमा ने बताया कि बीते पांच वर्ष में ओपीडी में 2,51,572 बच्चे आए थे। इनमें 88,125 बच्चे ऐसे थे, जिनको अधिक समय स्क्रीन पर देने से यह समस्या हुई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में ऐसे 16,950 बच्चे आए थे, जबकि वर्ष 2025 में 18,422 बच्चे अधिक स्क्रीन टाइम वाले रहे। यानी, यह प्रवृत्ति बढ़ती ही जा रही है।
12 वर्ष में 10 गुणा बढ़ गए पंजीकरण
मोबाइल का प्रयोग बढ़ने से नेत्र संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। वर्ष 2013 में महज 29,651 रोगियों ने उपचार के लिए पंजीकरण कराया था। 2025 में यह आंकड़ा 2,02,186 पर पहुंच गया। कोराना संक्रमण के बाद इसमें तेजी आई है। 2025 में पंजीकरण आंकड़ा 2013 के सापेक्ष करीब दस गुणा है। पांच वर्ष में 2,47,361 बच्चों ने पंजीकरण कराया।
वर्ष
कुल पंजीकरण
बच्चों की संख्या
2021
127821
62354
2022
136896
50975
2023
151606
61287
2024
165224
63432
2025
202186
65432
कुल
7,83,733
2,47,361
इन बातों का रखें ध्यान
[*]बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। बहुत जरूरी होने पर यदि मोबाइल दें भी तो उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।
[*]घर में मोबाइल प्रयोग की समयसीमा निर्धारित करें। बच्चों के सामने बहुत जरूरी होने पर ही प्रयोग करें।
[*]घर में बाल उपयोगी साहित्य रखें। साथ ही खुद भी कुछ समय पुस्तकें पढ़ने के लिए निर्धारित करें।
[*]आउटडोर गतिविधियां बढ़ाएं कराएं और बच्चों को खुद भी समय दें।
[*]फास्टफूड के बजाय हरी, सब्जियां और फल का सेवन फायदेमंद होता है।
मोबाइल को बहुत करीब से देखना हानिकारक हैं। स्क्रीन से निकलने वाली किरणें आंखों को कमजोर करती हैं। इससे आंखें दूर की वस्तु देखने का अभ्यास नहीं कर पातीं। धीरे-धीरे आंखों में निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) हो जाता है। पिछले कुछ वर्षों में बच्चों में यह समस्या बढ़ी है।
-डॉ. श्रीकांत वाइकर, मुख्य चिकित्साधिकारी, सीतापुर आंख अस्पताल
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