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हिमाचल प्रदेश में ट्रैकिंग को लेकर बदल गए नियम, 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई में रहेगा प्रतिबंध; रात में घूमने पर रोक

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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में ट्रैकिंग नियम बदल दिए हैं। प्रतीकात्म्क फोटो



जागरण टीम, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में ट्रैकिंग के लिए आने वाले सैलानियों के लिए जरूरी खबर है। ट्रैकिंग को लेकर नियम बदल दिए गए हैं। ट्रैकिंग के शौकीन पर्यटक अब धौलाधार की पहाड़ियों में स्थित करेरी, त्रियुंड और आदि हिमानी चामुंडा ट्रैकिंग रूटों पर दिन के समय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक ट्रैकिंग कर पाएंगे।

3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले ट्रैकिंग रूटों पर पूर्व प्रतिबंध यथावत लागू रहेगा। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने ट्रैकिंग गतिविधियों से जुड़े आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए चयनित ट्रैकिंग रूट को दिन के समय खोलने की अनुमति प्रदान की है।

यह निर्णय पर्यटन गतिविधियों को संतुलित रखते हुए जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
पुलिस को पूर्व सूचना देने की अनिवार्यता खत्म

करेरी लेक ट्रेक, त्रिउंड ट्रैक और आदि हिमानी चामुंडा ट्रैक पर केवल दिन के समय सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ट्रैकिंग की अनुमति रहेगी। इन रूट्स के लिए पुलिस स्टेशन में पूर्व सूचना प्रपत्र जमा कराने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी है। हालांकि सभी ट्रैकिंग रूट्स पर नाइट ट्रैकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
मौसम विभाग की चेतावनी पर नहीं होगी ट्रैकिंग

भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी या अलर्ट जारी होने की स्थिति में ट्रैकिंग गतिविधियां तुरंत निलंबित कर दी जाएंगी। जिला दंडाधिकारी की ओर से जारी आंशिक संशोधन के तहत आदेश के उल्लंघन पर ट्रैकर और संबंधित गाइड के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं 51 से 60 के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गाइड के लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने की संस्तुति भी की जा सकती है।
धौलाधार की पहाड़ियों में 17 ट्रैकिंग रूट

धौलाधार की पहाड़ियों में कुल 17 ट्रैकिंग रूट हैं। इनमें पांच जोखिमपूर्ण, तीन कम जोखिमपूर्ण जबकि नौ सरल ट्रैक हैं। सरल ट्रैकिंग रूटों में नड्डी-करेरी वाया रावा एक दिन। सतोवरी घेरा-करेरी एक दिन। बोह-खबरू वाया चंदरेला-दरकुंड एक दिन। इंद्रुनाग-भंगरोटू करथानी-त्रियुंड दो दिन। उतराला-जालसू दो दिन। बिलिंग-राजगुंधा-लोहारड़ी-ज्वारा दो से तीन दिन। सरी पास बीड़-बिलिंग-राजगुंधा एक दिन। खड़ौता-ठठारना एक दिन। नड्डी-गुणा टैंपल एक दिन।
कम जोखिम भरे ट्रैक रूट

करेरी लेक वाया बलेनी पास मिनकैनी-मैहला चार से पांच दिन। जदरांगल-करडियाणा-भौंट हिमानी चामुंडा दो दिन। गज पास घेरा-बोंठू चार दिन।
जोखिम भरे ट्रैक

टंग नरवाणा-खेतल अलूड-हिमानी चामुंडा बर्ड्स पैराडाइज तीन से चार दिन। जिया सूपधार-तालंग लेक तीन दिन। राजगुंधा-थमसर-बड़ा भंगाल छह से सात दिन। गलू-धर्मकोट-होली-मणिमहेश छह दिन। सेवन लेक धौलाधार रेंज पांच से सात दिन शामिल हैं।

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