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झारखंड में सड़कों का मेगा प्लान: 785 किमी सड़क उन्नयन, 35 नए फ्लाईओवर और 6,601 करोड़ का ब्लूप्रिंट

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झारखंड में सड़कों का विस्तार, फ्लाईओवर और पुलों से विकास को मिलेगी गति।



राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से पथ निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए व्यापक योजना तैयार की है। सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति, सामाजिक समावेशन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम होती हैं।

यही कारण है कि राज्य सरकार ने सड़क नेटवर्क के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर विशेष बल दिया है। राज्य गठन के समय जहां कुल सड़कों की लंबाई मात्र 5,400 किलोमीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर 15,066 किलोमीटर हो गई है।

इसी प्रकार पथ घनत्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 के प्रारंभ में यह 186 किलोमीटर प्रति 1,000 वर्ग किलोमीटर था, जो वर्तमान में बढ़कर 189.03 किलोमीटर हो गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य तेजी से आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
फोर लेन और फ्लाईओवर निर्माण पर विशेष फोकस

राज्य सरकार ने यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रमुख सड़कों को फोर लेन में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। राजधानी रांची सहित राज्य के सभी प्रमुख शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई गई है।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल यात्रा समय को कम करना है, बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी लाना भी है। आने वाले समय में इन प्रयासों से शहरी यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

पथ निर्माण विभाग ने सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आइआरक्यूपी (इंप्रूवमेंट आफ राइडिंग क्वालिटी प्रोग्राम) लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत क्षतिग्रस्त और जर्जर सड़कों की मरम्मत कर उन्हें बेहतर बनाया जाएगा।

यह योजना विशेष रूप से उन सड़कों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन पर भारी यातायात का दबाव रहता है। इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि यात्रियों को भी सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
पुराने और जर्जर पुलों के स्थान पर नए उच्चस्तरीय पुल

राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई पुराने और क्षतिग्रस्त पुल यातायात में बाधा बन रहे हैं। इन्हें ‘बॉटल नेक’ के रूप में चिन्हित किया गया है। ऐसे पुलों को हटाकर उनकी जगह नए, आधुनिक और उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए लाभकारी होगा, जिससे आवागमन में निरंतरता बनी रहेगी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
रेल क्रॉसिंग खत्म करने की पहल

सड़क और रेल मार्ग के बीच होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा लेवल क्रॉसिंग समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

इस दिशा में पथ निर्माण विभाग और रेल मंत्रालय के बीच समन्वय स्थापित कर विभिन्न स्थानों पर रोड ओवरब्रिज निर्माण की योजना बनाई गई है। इस पहल से जहां दुर्घटनाओं में कमी आएगी, वहीं यातायात भी निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगा।
785 किमी सड़क उन्नयन और 35 नए फ्लाईओवर का लक्ष्य

वित्तीय वर्ष 2026-27 में पथ निर्माण विभाग ने पथ घनत्व को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत 785 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन का प्रस्ताव है। साथ ही, पहले से निर्मित 1,200 किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ीकरण और उनकी गुणवत्ता सुधार पर भी काम किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त 35 स्वतंत्र उच्चस्तरीय फ्लाईओवर और रोड ओवरब्रिज के निर्माण की भी योजना है, जो राज्य की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देंगे।

इन सभी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में पथ निर्माण विभाग के लिए 6,601 करोड़ 28 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। यह बजट सड़कों के विस्तार और उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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