मोहाली में पूर्व ESI शाखा प्रबंधक को चार वर्ष की कैद की सजा, 10 हजार रिश्वत मामले में Court का फैसला
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/24/article/image/kaid9-1771944276626_m.webpट्रायल के बाद अदालत ने आरोपित को दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई।
जागरण संवाददाता, मोहाली। पूर्व ईएसआई शाखा प्रबंधक चंदर मोहिनी को भ्रष्टाचार के मामले में विशेष अदालत ने चार साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा होगी।
केस के अनुसार, एक निजी कंपनी में कर्मचारी मोहनिंदर सिंह जून 2020 में शेड की मरम्मत करते समय गिर गए थे और उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया था। वह ईएसआई योजना के तहत पंजीकृत थे और मेडिकल अवकाश के दौरान वेतन पाने के हकदार थे।
अप्रैल और मई 2021 का वेतन जारी न होने पर उनकी पत्नी ने खरड़ स्थित ईएसआइ शाखा से संपर्क किया। अदालत के रिकाॅर्ड के अनुसार शाखा प्रबंधक ने लंबित वेतन जारी करने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी और आगे भुगतान जारी रखने के लिए हर महीने 5,000 रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क कर बातचीत रिकाॅर्ड कराई। नोटों को फिनाल्फ्थेलीन पाउडर से उपचारित किया और गवाहों को ब्रीफ करने के बाद ईएसआई कार्यालय में छापा मारा गया। अदालत ने पाया कि आरोपित ने 10 हजार रुपये स्वीकार किए और उन्हें दराज में रखा।
छापे के दौरान उसके हाथ धोने पर घोल गुलाबी हो गया, जिससे साबित हुआ कि उसने नोटों को छुआ था। ट्रायल के बाद अदालत ने आरोपित को दोषी ठहराया। सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार शासन को बिगाड़ता है और कानून के शासन को कमजोर करता है।
अदालत ने आरोपित को पहले से बिताई गई हिरासत अवधि का लाभ भी दिया है। सजा के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपित की बीमारियों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और साफ-सुथरे पूर्व रिकाॅर्ड का हवाला देते हुए नरमी की मांग की थी। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार को सख्ती से दंडित करना जरूरी है ताकि यह समाज में निवारक का काम करे। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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