उत्तरकाशी: सांकरी सौड़ गांव में देवगोत मेला, दिखी लोक संस्कृति व आस्था की झलक
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/24/article/image/glimpse-of-folk-culture-1771954499492_m.webpसांकरी सौड़ गांव के देवगोत मेले में रासो-तांदी नृत्य करती ध्याणियां। साभार चैन सिंह रावत
संवाद सूत्र, पुरोला (उत्तरकाशी)। विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल केदार कांठा की तलहटी व बेस कैंप सांकरी सौड़ गांव में दो दिवसीय देवगोत मेले में क्षेत्र की समृद्धशाली लोकसंस्कृति व आस्था की झलक देखने को मिली।
इस दौरान दूरदराज के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंची रयणी-ध्याणियां रासो-तांदी नृत्य कर जमकर झूमी।
सोमवार को दो दिवसीय ध्याणी मिलन देवगोत मेले समारोह में लोक गीतों, रासो-तांदी नृत्य एवं सोमेश्वर महाराज की पूजा अर्चना की धूम रही।
पर्यटन गांव सौड़ सांकरी में आयोजित देवगोत मेले में पंचगांई, अडोर, बडासु, सिंगतूर पट्टियों समेत अन्य गांव गांव में ब्याही सांकरी सौड़ की ध्याणियां मायके सौड़ गांव पहुंची व ध्याणियों ने दो दिन तक भव्य मेले में सरीक होकर क्षेत्र के इष्ट देव सोमेश्वर महाराज की पूजा अर्चना कर मायके एवं ससुराल पक्ष की कुशलता की मन्नत मांगी।
मेला आयोजकों व ग्रामीणों ने तांदी लोक नृत्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के उपरांत दूर दराज गांव से आई ध्याणियों को सम्मानित भी किया गया।
गांव के चैन सिंह रावत ने बताया कि देवगोती मेला दूर दराज गांव में ब्याही ध्याणियों एवं मेतियों बुर्जुग महिलाओं व सहेलियों के वर्षों बाद हुए मिलन एवं आपसी सुख-दुख, कुशलक्षेम जानने एवं एकता का एक दिव्य समागम उत्सव है।
उन्होंने बताया कि सोमेश्वर महाराज का देवगोत मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, धरोहर समेत लोक आस्था का जीवंत प्रतीक है। मेले में अनवर सिंह रावत, भजन सिंह रावत, चंद्रमणी रावत, भगत सिंह रावत, अमर सिंह रावत एवं अतर सिंह पंवार आदि मौजूद रहे। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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