युवाओं के व्यक्तित्व विकास का केंद्र बनेगा नया जगन्नाथ मंदिर, 26 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रखेंगी आधारशिला
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/25/article/image/shilanyas-1771960382194_m.webpदेश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर तैयार किया गया पंडाल।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास में 26 फरवरी का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। मरीन ड्राइव क्षेत्र में श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चर चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा निर्मित होने वाले भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर का शिलान्यास देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा किया जाएगा। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र होगा। साथ ही युवाओं के लिए एक बड़े आध्यात्मिक और व्यक्तित्व विकास केंद्र के रूप में भी उभरेगा।
वीआईपी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
उत्कल एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति के साथ झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। प्रशासन और उत्कल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर आपसी तालमेल से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
पुरी की तर्ज पर होगा निर्माण
ट्रस्ट के चेयरमैन और आरसीबी ग्रुप इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक एसके बेहरा ने बताया कि यह मंदिर करीब ढाई एकड़ भूमि पर विस्तृत होगा:
[*] डेढ़ एकड़: मुख्य मंदिर परिसर, जिसे ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया जाएगा।
[*] एक एकड़: आध्यात्मिक केंद्र (Spiritual Center) का निर्माण होगा।
[*] समय सीमा: आध्यात्मिक केंद्र 2 वर्षों में और मुख्य मंदिर लगभग 4 वर्षों में बनकर तैयार होगा।
इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाएं पूरी गरिमा के साथ स्थापित की जाएंगी।
युवाओं का होगा सर्वांगीण विकास इस परियोजना का एक मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। श्री बेहरा ने स्पष्ट किया कि आध्यात्मिक केंद्र के माध्यम से गीता और भागवत जैसे ग्रंथों की शिक्षा दी जाएगी। योजना के अनुसार, 200 से 250 किलोमीटर के दायरे में स्थित शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहां 15 से 25 दिनों के विशेष सत्र के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसका लक्ष्य युवाओं में नैतिकता, अनुशासन, आत्मबल और साहस का विकास करना है ताकि वे जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना कर सकें। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दोपहर 12:20 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी। शिलान्यास और पूजा-अर्चना के बाद वह उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगी। दोपहर 1:20 बजे उनका प्रस्थान निर्धारित है। समारोह के लिए आयोजन स्थल पर 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष भोग-प्रसाद का भी इंतजाम है।
यह मंदिर आने वाले समय में जमशेदपुर को एक नई वैश्विक आध्यात्मिक पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन के मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करेगा। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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