एक नंबर, लाखों की पहचान : 0001 से 0786 तक, भागलपुर में वाहन मालिकों ने खरीदे मनचाहे नंबर, लाखों की बोली
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/25/article/image/Bhagalpur-Fancy-Numbers-1772001725317_m.webpफैंसी नंबर का बुखार: भागलपुर में वाहन सिर्फ आवागमन नहीं, प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गए। प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर में वाहन मालिकों के बीच मनचाहा या फैंसी नंबर लेने का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। शहर में वाहन केवल आवागमन का साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि अब ये प्रतिष्ठा और पहचान का प्रतीक बन गए हैं। वाहन मालिक 0001, 0003, 0005, 0007 और 0786 जैसे विशेष अंकों वाले नंबरों के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपए तक खर्च कर रहे हैं।
जिले में फैंसी नंबर का आंकड़ा
जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार, अक्टूबर तक जिले में कुल 73 फैंसी नंबर जारी किए गए, जिससे विभाग को 19.53 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं, पिछले 90 दिनों में 14 फैंसी नंबर जारी हुए हैं, जिन पर वाहन मालिकों ने कुल 1.63 लाख रुपए खर्च किए। भागलपुर का राज्य स्तर पर फैंसी नंबर लेने में आठवां स्थान है। इस अवधि में पूरे बिहार में कुल 4117 मनचाहे नंबर जारी किए गए, जिससे परिवहन विभाग को लगभग 6 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
राज्य में शीर्ष जिलों की स्थिति
सबसे अधिक फैंसी नंबर पटना में जारी किए गए, जहां 1597 वाहन मालिकों ने मनचाहा नंबर लिया और विभाग को 2.46 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 358, गया में 321, पूर्णिया में 189 और रोहतास में 174 नंबर जारी किए गए। इन जिलों से क्रमशः 52.17 लाख, 41.10 लाख, 33.53 लाख और 20.90 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। इधर, भागलपुर डीटीओ कार्यालय में वाहन निबंधन से जुड़े लंबित मामलों में कमी आई है। विभागीय स्तर पर लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन आम लोगों को राहत प्रदान कर रहा है।
फैंसी नंबर की बोली और कैटेगरी
बिहार सरकार ने फैंसी नंबर को पांच श्रेणियों में बांटा है। हर श्रेणी में अलग-अलग आधार शुल्क तय किया गया है। उदाहरण के लिए, 0001, 0003, 0005, 0007 और 0009 जैसे प्रीमियम नंबरों पर निजी वाहनों के लिए एक लाख रुपए तक और सरकारी वाहनों के लिए 35 हजार रुपए तक शुल्क निर्धारित है। यदि किसी नंबर के लिए दो या अधिक आवेदन आते हैं, तो उसे ई-नीलामी प्रक्रिया के जरिए आवंटित किया जाता है। नीलामी में भाग लेने के लिए आवेदकों को 1000 रुपए का गैर-वापसी योग्य पंजीकरण शुल्क जमा करना अनिवार्य है।
लोकप्रिय नंबरों की डिमांड
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अक्टूबर में 0001 और 0007 नंबर अंतिम बार जारी किए गए।
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0786 वाले नंबर की भी डिमांड बढ़ रही है। इस साल अब तक 10 नंबर रजिस्टर्ड हो चुके हैं। बीते 90 दिनों में दो बुकिंग हुई हैं—BR10AS 0786 के लिए एमडी जियाउल ने 35,000 रुपए और BR10AX 9786 के लिए एमडी अतहर हुसैन ने 10,000 रुपए खर्च किए।
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इसके अलावा 1100, 1212, 2525, 9999 जैसे नंबर भी ऊंची कीमत पर उपलब्ध हैं।
शहर में फैंसी नंबर का महत्व
विशेष अंक वाले नंबर अब वाहन मालिकों के लिए प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गए हैं। लोग सड़कों पर वाहन के अलावा, नंबर की अनोखी पहचान के लिए भी भारी निवेश कर रहे हैं। इससे राज्य और जिले दोनों स्तर पर परिवहन विभाग का राजस्व बढ़ रहा है। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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