मंडी में नीलम की मौत पर बवाल, मामले की CBI जांच की मांग; प्रदर्शन के दौरान आमने-सामने हो गए दो गुट
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/25/article/image/Mandi-Protest-1772009176451_m.webpमंडी शहर में प्रदर्शन करती महिलाएं और इनसेट में नीलम का फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में गत दिनों हुई महिला की मौत पर बवाल हो गया है। कोटली की रहने वाली नीलम की मौत मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर बुधवार को मंडी में प्रदर्शन हुआ। समाजसेवी राजेश कपूर अपने समर्थकों के साथ स्मार्ट मीटर और नीलम प्रकरण में सीबीआई जांच को लेकर मंडी पहुंचे।
वहीं समाजसेवी भास्कर और अनुपमा सिंह भी अलग से नीलम को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन करने पहुंचे। दोनों धड़े आमने-सामने हो गए व इनमें बहस भी हुई। दोनों ही पक्षों ने एएसपी और डीसी मंडी को ज्ञापन सौंपे।
सेरी मंच और पडल ग्राउंड से आरंभ हुए प्रदर्शनों में शहर भर में रैली निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए और नीलम के लिए न्याय की मांग की। समाजसेवी राजेश कपूर ने कहा कि पुलिस की ओर से यह जानकारी देना कि नीलम ने मजिस्ट्रेट के सामने खुद को आग लगाने की बात कही है सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि जो महिला बोल सकने में असमर्थ थी वो बयान कैसे दे सकती है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
राजेश कपूर ने अपने समर्थकों के साथ सेरी मंच से लेकर मंडी शहर में रैली निकाली और नीलम के समर्थन में नारेबाजी की।
दूसरे गुट ने भी किया प्रदर्शन
दूसरी ओर भास्कर ठाकुर और अनुपमा सिंह ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नीलम को प्रताड़ित किया जाता रहा वह अमानवीय है। अनुपमा सिंह ने कहा कि नीलम के बच्चों को सरकार अपने अधीन लेकर उनकी देखरेख की व्यवस्था करे।
नीलम के भाई का बयान
नीलम के भाई रामचंद्र ने बताया लगातार नौ दिन तक नीलम के साथ पीजीआई में था। उस दौरान भी नीलम ने अपने पति पर ही पेट्रोल छिड़क कर जलाने की बात इशारों में कही थी। उन्होंने कहा कि उनके ससुराल पक्ष से भी नीलम के अंतिम संस्कार के लिए कोई नहीं आया। पहले भी नीलम को प्रताड़ित किया जाता था और पुलिस और पंचायत में भी मामला गया था, जहां दोनों परिवारों में समझौता हुआ था।
वहीं नीलम के जेठ ने कहा कि उसके साथ बुरा हुआ है। उनको बताया गया था कि नीलम ने जहर खाया है, जबकि जब वे मौके पर पहुंचे तो वह जली हुई थी।
आमने सामने हो गए प्रदर्शनकारी
दो गुटों में बंटे इस प्रदर्शन में लोग भी आमने-सामने हो गए। एक गुट के व्यक्ति ने दूसरे गुट की महिलाओं को अपने साथ चलने के लिए कहा। आरोप लगाया कि आप पैसे लेकर दूसरे गुट के साथ चल रहे हैं। इस पर भड़की महिलाओं ने कहा कि प्रदर्शन के लिए एक प्रस्ताव पहले ही उनको दिया गया था और बाद में आप लोगों ने अलग से समय लिया। अलग-अलग प्रदर्शनों के कारण डीसी कार्यालय के बाहर काफी के देर तक गहमा गहमी का माहौल बना रहा।
पुलिस का कड़ा पहरा
दो-दो प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए थे। उपायुक्त कार्यालय के बाहर लगभग 15 से 20 पुलिस जवान तैनात थे, वहीं गेट के अंदर केवल 10 लोगों को ले जाने की इजाजत दी गई थी।
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