LHC0088 Publish time 1 hour(s) ago

सुपौल में मछली पालन योजना से बंजर भूमि को मिलेगा नया जीवन, बढ़ेगा ग्रामीण रोजगार

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/25/article/image/Supaul-Bhumi-1772012257654_m.webp



संवाद सूत्र, सरायगढ़ भपटियाही (सुपौल)। राज्य सरकार की तालाब मत्स्यिकी सहायता योजना सीपेज (रिसाव) से प्रभावित बंजर होती जा रही जमीनों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। इस योजना के तहत अब ऐसे क्षेत्र जहां पारंपरिक खेती कठिन हो चुकी है, वहां मछली पालन के माध्यम से आय और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड क्षेत्र में योजना को लेकर किसानों और भूमिधारकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

योजना के अनुसार, एक एकड़ भूमि में पोखर निर्माण कर मछली पालन शुरू करने पर कुल लगभग 5 लाख 62 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें 3 लाख 93 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। शेष राशि लाभार्थी द्वारा वहन की जाती है।

सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस लाभकारी रोजगार से जोड़ना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। स्थानीय लाभार्थियों का कहना है कि सीपेज प्रभावित जमीनें वर्षों से अनुपयोगी पड़ी थीं। खेती करने पर बार-बार नुकसान होता था, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही थी। ऐसे में मत्स्यिकी सहायता योजना ने उम्मीद की नई किरण दिखाई है।

योजना के तहत तैयार किए जा रहे पोखरों में वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन कर अच्छी आमदनी संभव है, साथ ही स्थानीय स्तर पर मजदूरी और सहायक कार्यों के अवसर भी बढ़ते हैं। नोनपार गांव के निवासी महावीर राम सहित अन्य किसानों ने बताया कि गांव में 7 एकड़ से अधिक भूमि में मछली पालन की तैयारी और शुरुआत की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि पहले यह जमीन खेती के लायक नहीं थी, लेकिन अब पोखर निर्माण के बाद इससे नियमित आय होने की संभावना है। मछली पालन से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी रोजगार मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, मत्स्य पालन एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय है। कम समय में बेहतर उत्पादन, बाजार में स्थिर मांग और सरकारी सहयोग के कारण यह ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सरकार द्वारा दी जा रही तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण और अनुदान से जोखिम भी काफी हद तक कम हो जाता है।

कुल मिलाकर, तालाब मत्स्यिकी सहायता योजना सीपेज प्रभावित व बंजर जमीनों के लिए वरदान बनकर उभर रही है। इससे न केवल भूमि का बेहतर उपयोग हो रहा है, बल्कि सुपौल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता को भी नई दिशा मिल रही है।

सरकार की यह पहल यदि इसी तरह प्रभावी ढंग से लागू होती रही, तो आने वाले समय में मछली पालन ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बन सकता है। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
Pages: [1]
View full version: सुपौल में मछली पालन योजना से बंजर भूमि को मिलेगा नया जीवन, बढ़ेगा ग्रामीण रोजगार