लोहना–मुक्तापुर रेल लाइन को मिलेगी गति, विधानसभा में मैथिली के सवाल पर सरकार का बड़ा आश्वासन
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/25/article/image/Maithili-thakur-MLA-BJP-Darbhanga-1772019031930_m.webpMithilanchal Rail Project: मिथिलांचल के विकास की दिशा में यह निर्णायक कदम साबित होगा। फोटो सौ. बिहार विधानसभा
डिजिटल डेस्क, दरभंगा। Lohna Muktapur Railway Line: वर्षों से लंबित लोहना–मुक्तापुर रेलवे लाइन को लेकर मिथिलांचल के लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। विधानसभा में इस अहम रेल परियोजना को लेकर विधायक मैथिली ठाकुर द्वारा उठाए गए सवाल पर ग्रामीण विकास सह परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में स्पष्ट किया कि इस परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और इसके कार्य को गति देने की दिशा में सरकार गंभीरता से आगे बढ़ रही है।
मंत्री के जवाब के बाद क्षेत्र में उम्मीद जगी है कि लंबे इंतजार के बाद अब लोहना–मुक्तापुर रेल लाइन धरातल पर आकार लेगी। अपने एक्स पोस्ट में विधायक मैथिली ठाकुर ने इसे मिथिलांचल के विकास की दिशा में निर्णायक कदम बताया और कहा कि इस परियोजना से दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर क्षेत्र के लाखों लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी।
होंगे तीन प्रमुख स्टेशन
यह रेल लाइन दरअसल सकरी–हसनपुर रेल परियोजना का एक महत्वपूर्ण विस्तार है। इसके तहत सकरी के पास स्थित लोहना को समस्तीपुर के निकट मुक्तापुर से जोड़ा जाएगा। इस रूट पर लोहना, कुशेश्वरस्थान और मुक्तापुर जैसे प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं।
इस लाइन के चालू होने से दरभंगा और समस्तीपुर के बीच रेल यातायात का दबाव कम होगा और बाढ़ प्रभावित उन इलाकों को भी सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जो अब तक मुख्यधारा से कटे रहे हैं। परियोजना की मौजूदा स्थिति पर बात करें तो सकरी से लोहना और बिरौल तक रेल ट्रैक पर पहले ही ट्रेनों का संचालन हो रहा है। हालांकि बिरौल से आगे कुशेश्वरस्थान होते हुए मुक्तापुर तक का खंड चुनौतीपूर्ण रहा है।
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बाढ़ प्रभावित होने से परेशानी
यह इलाका बाढ़ प्रभावित होने के कारण यहां पुलों और ऊंचे ट्रैक के निर्माण में अधिक समय लगा। कमला नदी और अन्य जलधाराओं के कारण इस रूट पर कई छोटे-बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
इस रेल लाइन के पूरा होने से कुशेश्वरस्थान जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल को सीधा रेल नेटवर्क मिलेगा, जिससे शिव भक्तों और पर्यटकों को बड़ी सुविधा होगी। इसके अलावा सिमरिया घाट और बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा आसान और सुगम हो जाएगी।
आर्थिक दृष्टि से भी यह परियोजना क्षेत्र के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मखाना, मछली, अनाज और कृषि उत्पादों के परिवहन में किसानों और व्यापारियों को सस्ता और तेज विकल्प मिलेगा। इससे स्थानीय बाजारों को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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कुशेश्वरस्थान क्षेत्र का होगा कायाकल्प
हालांकि इस परियोजना में देरी के पीछे कई कारण रहे हैं। कुशेश्वरस्थान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, लंबे समय तक जलजमाव, भूमि अधिग्रहण में कानूनी अड़चनें और शुरुआती वर्षों में सीमित बजट इसकी प्रमुख वजहें रहीं।
लेकिन अब स्थिति बदलती दिख रही है। वर्ष 2026 के रेल बजट में इस खंड के लिए अतिरिक्त राशि आवंटित की गई है, जिससे बिरौल–कुशेश्वरस्थान–मुक्तापुर लिंक को जल्द पूरा कर ट्रायल रन शुरू करने की तैयारी है।
कुल मिलाकर, लोहना–मुक्तापुर रेल लाइन को मिली स्वीकृति मिथिलांचल के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह परियोजना न सिर्फ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करेगी, बल्कि सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक विकास की नई राह भी खोलेगी।
आज सदन के माध्यम से वर्षों से लंबित लोहना–मुक्तापुर रेलवे लाइन के संदर्भ में स्वीकृति हेतु मैंने भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय से माँग की है ।
यह परियोजना दरभंगा और मधुबनी क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए वरदान साबित होगी। व्यापारियों को आवागमन और गुड्स ट्रांसपोर्टेशन में बड़ी सुविधा… pic.twitter.com/SpQoT7w66h— Maithili Thakur (@maithilithakur) February 25, 2026
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