अजित पवार विमान दुर्घटना: रोहित पवार ने डीजीसीए पर लगाए गंभीर आरोप, मंत्री के इस्तीफे की मांग
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/25/article/image/Rohit-Ajit-Pawar-1772040462827_m.webpरोहित पवार ने डीजीसीए पर लगाए गंभीर आरोप।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना मामले में एफआईआर दर्ज कराने मरीन लाइन्स पुलिस थाने पहुंचे राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहित पवार ने कहा कि डीजीसीए ने पहले विमानन कंपनी वीएसआर वेंचर्स को क्लीन चिट देने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि कंपनी ने सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया था।
वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड वह कंपनी है, जो लेयरजेट 45 विमान (वीटी-एसएसके) का संचालन कर रही थी, जो 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
बुधवार को विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा 28 जनवरी को दोपहर 1.36 बजे जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि फरवरी 2025 में किए गए अंतिम नियामक ऑडिट के दौरान वीएसआर वेंचर्स के खिलाफ कोई “लेवल-I निष्कर्ष“ दर्ज नहीं किया गया था। यह वीएसआर को क्लीन चिट देने का पहला प्रयास था।
नियामक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पवार ने पूछा कि विमानन योग्यता प्रमाण पत्र किसने जारी किए ? विमान रखरखाव की देखरेख कौन करता है ? हवाई सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा ? सारी जिम्मेदारियां डीजीसीए की हैं। अगर वीएसआर की गलती है, तो डीजीसीए की भी गलती है।
पवार के अनुसार, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने 28 जनवरी को कहा था कि नागरिक उड्डयन महानिदेशक ने पूरी तरह से जांच करके वीएसआर वेंचर्स को सभी स्वीकृतियां दी थीं। पिछले साल इसका मूल्यांकन किया गया था। मंगलवार को जारी डीजीसीए की सुरक्षा विशेष ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए पवार ने इसे कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की अपनी निरंतर मांग की आंशिक सफलता बताया।
बता दें कि कई नियमों के उल्लंघन पाए जाने के बाद विमानन नियामक डीजीसीए ने मंगलवार को वीएसआर वेंचर्स के चार विमानों को उड़ान भरने से रोकने का निर्देश दिए हैं। बारामती दुर्घटना के बाद डीजीसीए ने वीएसआर वेंचर्स का विशेष सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया था।
रोहित पवार ने कहा कि मंगलवार को जारी डीजीसीए की रिपोर्ट कंपनी के खिलाफ मेरी मांग में आंशिक सफलता है। सुरक्षा संबंधी विशेष ऑडिट में विमान की उड़ान योग्यता, हवाई सुरक्षा और उड़ान संचालन के क्षेत्रों में संगठन द्वारा अनुमोदित प्रक्रियाओं में कई अनियमितताएं पाई गईं।
इसका मतलब है कि मेरी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस और उस समय उठाए गए मुद्दों को अब डीजीसीए ने स्वीकार कर लिया है। अब कहा जा रहा है कि नियमों का पालन नहीं हुआ, लेकिन हमने एक नेता खो दिया। वे उपमुख्यमंत्री थे। वे निश्चित रूप से मुख्यमंत्री बनते। लेकिन अब वे चले गए हैं। अजीत पवार के ही भतीजे रोहित पवार ने आरोप लगाया कि विमानन नियामक ने लगातार दबाव के बाद ही समस्याओं को स्वीकार किया, लेकिन शुरू में उसने कंपनी को बचाने का प्रयास किया था।
पवार ने आरोप लगाया कि डीजीसीए की नवीनतम रिपोर्ट ने भी वीएसआर वेंचर्स को बचने का रास्ता प्रदान कर दिया है। नियामक ने नियमों के उल्लंघन और रखरखाव प्रक्रियाओं में खामियों को देखते हुए विमानों को तत्काल ग्राउंड करने के माध्यम से सुधारात्मक उपाय शुरू करने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि डीजीसीए ने अप्रत्यक्ष रूप से कह दिया है कि कंपनी अपने विमानों को बहाल कर सकती है और अपना कारोबार फिर से शुरू कर सकती है।
उन्होंने सवाल किया कि वीएसआर के अन्य विमानों को उड़ान भरने की अनुमति क्यों दी गई है ? उन्होंने कहा कि वीएसआर से जुड़े सभी विमानों को ग्राउंडेड किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नागरिक उड्डयन मंत्री की पार्टी टीडीपी के नेताओं के वीएसआर वेंचर्स के साथ व्यावसायिक संबंध हैं और वे कंपनी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए मैं नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू के इस्तीफे के लिए दबाव बनाना जारी रखूंगा।
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