परिवर्तन ही संसार का नियम : स्वामी आगमानंद महाराज बोले—आज शोक है तो कल उत्सव होगा, पीरपैंती महारुद्र यज्ञ में दिया जीवन संदेश
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/26/article/image/Pirpainti-Maharudra-Yagya-Swami-Aagamanand-Life-Message-1772076697253_m.webpभागलपुर के पीरपैंती में प्रवचन करते स्वामी आगमानंद।
संवाद सूत्र, पीरपैंती (भागलपुर)। भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के सुंदरपुर शाखा कृषि मैदान में जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद महाराज के सानिध्य में आयोजित श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति भाव से गूंजता रहा।
भक्तिमय माहौल में हवन-पूजन
यज्ञाचार्य पंडित अनिरुद्ध शास्त्री व गौतम सामवेदी के नेतृत्व में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न कराया जा रहा है। वैदिक रीति से चल रहे अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। मुख्य यजमान के रूप में राज आनंद, सिंपी कुमारी, अनिल कुमार साह, रेखा देवी, पप्पू मंडल, श्वेता देवी और उपेंद्र यादव समेत अन्य श्रद्धालुओं ने आहुति दी।
मेले में उमड़ी लोगों की भीड़
यज्ञ स्थल पर धार्मिक आयोजन के साथ-साथ मेले का भी आयोजन किया गया है। यहां विभिन्न प्रकार के झूले और सजावटी दुकानों पर बच्चों और महिलाओं की विशेष भीड़ देखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस धार्मिक मेले ने उत्सव का रूप ले लिया है।
भागवत कथा में सती प्रसंग का वर्णन
कथा के चौथे दिन प्रवचन के दौरान स्वामी आगमानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम, जप और भजन से ही मनुष्य का कल्याण संभव है। इस दौरान सती प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
परिवर्तन ही संसार का नियम
प्रवचन में स्वामी आगमानंद ने कहा कि संसार में किसी का समय एक समान नहीं रहता। आज जो व्यक्ति उत्सव मना रहा है, वही कल शोक में डूब सकता है। इसलिए अच्छे और बुरे दोनों समय में परमात्मा का स्मरण करते रहना चाहिए। मनुष्य की नियत के अनुसार ही उसे फल की प्राप्ति होती है।
आयोजन में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
कथा और यज्ञ के दौरान प्रमुख रश्मि कुमारी, मुखिया अरविंद साह, स्वामी शिव प्रेमानंद महाराज भाई जी, स्वामी जीवनानंद, स्वामी मानवानंद महाराज, कुंदन बाबा और स्वामी तत्वानंद सहित यज्ञ समिति के अध्यक्ष पप्पू साह, सचिव रंजीत पासवान, उपाध्यक्ष गुंजन साह, उपसचिव अनिल राय व ऋषिकेश सिंह, कोषाध्यक्ष रोहित पासवान और उपकोषाध्यक्ष सूरज कुमार आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
रामलीला का हुआ मंचन
रात्रि में वृंदावन से आए संतोष आचार्य के नेतृत्व में रामलीला मंडली द्वारा मारीच वध और ताड़का वध की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। भक्ति लीला के आकर्षक मंचन को देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जमी रही। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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