शिक्षक आत्महत्या मामला: कार्रवाई से बचने के लिए हाई कोर्ट पहुंचीं BSA, सुनवाई की तिथि तय नहीं
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/26/article/image/court-1772093360137_m.webpतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, देवरिया। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में नामजद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने गोरखपुर पुलिस व शासन की कार्रवाई से बचने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण ली है। मंगलवार को उन्होंने याचिका दाखिल की, हालांकि अभी तक सुनवाई की तिथि नियत नहीं हुई है।
कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार (देवरिया) में तैनात रहे सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने 20 फरवरी की रात गोरखपुर स्थित अपने आवास में आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उनकी पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर गुलरिहा थाने में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह व अन्य सहयोगियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
सुसाइड नोट में बीएसए व संबंधित बाबू पर 16 लाख रुपये लेने और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए। इस मामले में डीएम व शासन स्तर से गठित समिति की जांच में हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी एक वर्ष में निर्णय नहीं लेने की पुष्टि हुई है।
यह भी पढ़ें- शिक्षक सुसाइड केस: देवरिया BSA कार्यालय का DVR खाली, साक्ष्य से छेड़छाड़ की आशंका
डीएम ने निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति रिपोर्ट दो दिन पहले भेजा है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बीएसए का सीयूजी व निजी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फारेंसिक जांच के लिए भेजा है।
इसी बीच बीएसए ने अपने बचाव में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर शासन, एसएसपी गोरखपुर, थानाध्यक्ष गुलरिहा व वादिनी गुड़िया सिंह को पक्षकार बनाया है। अब सभी की निगाहें हाई कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई पर टिकी हैं। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
Pages:
[1]