deltin55 Publish time 1970-1-1 05:00:00

मोदी सरकार की विदेश नीति बहुत कमजोर, भारत के ...


नयी दिल्ली। कांग्रेस ने मोदी सरकार की विदेश नीति को विफल और देशहित के विपरीत बताते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति कमजोर हुई है इसलिए इसमें पुनर्विचार की जरूरत है।


कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति के कारण भारत के प्रति दुनिया के रुख में बदलाव दिख रहा है और अमेरिका का रुख भारत की तुलना में पाकिस्तान की तरफ नरम है जिसे विफल विदेश नीति का परिणाम कहा जा सकता है।





उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख पाकिस्तान के प्रति नरम है और यही कारण है कि श्री ट्रम्प पहलगाम आतंकवादी हमलों की पृष्ठभूमि से जुड़े व्यक्ति की सार्वजनिक सराहना कर रहे हैं। उनका कहना था कि अमेरिका ने अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई का समर्थन किया है। राष्ट्रपति ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने 10 मई 2025 को आयात शुल्क बढ़ाने की धमकी देकर 'ऑपरेशन सिंदूर' रुकवाया, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनके अनुसार, अभियान रोकने की पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी।





भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गत 2 फरवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मामला उठाया लेकिन मुद्दों से ध्यान हटाने की सरकार ने कोशिश की। बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने श्री ट्रंप की आयात शुल्क नीति को अवैध करार दिया।
कांग्रेस ने अमेरिका के साथ समझौते को एकतरफा बताया और कहा कि भारत ने आयात को उदार बनाने की प्रतिबद्धता जताई लेकिन अमेरिका ने इसका कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की।

पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की इज़रायल यात्रा और 19 जून 2020 को चीन पर दिए गए बयान ने भारत की स्थिति कमजोर की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की विदेश नीति की दिशा और शैली पर पुनर्विचार की जरूरत है।





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