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हरियाणा के नूंह हिंसा मामले में कांग्रेस वि ...


नूंह: Haryana Nuh Violence Case: हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई 2023 को हुई हिंसा के मामले में कांग्रेस विधायक मामन खान की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पुलिस ने गृह विभाग से अनुमति मिलने के बाद विधायक समेत 72 आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (यूएपीए) अधिनियम की धाराएं जोड़ते हुए अदालत में नया चालान पेश किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक रंग पकड़ लिया है।
जलाभिषेक यात्रा के दौरान भड़की थी हिंसा





यह मामला 31 जुलाई 2023 को आयोजित जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है। उस दिन नूंह जिले में सांप्रदायिक तनाव के बीच बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी थी। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे और संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। पुलिस का आरोप है कि इस हिंसा को भड़काने में कुछ लोगों की भूमिका रही, जिनमें विधायक मामन खान का नाम भी शामिल किया गया है।
तीन साल बाद यूएपीए के तहत कार्रवाई

नगीना थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 148/149-2023 में अब तीन साल बाद पुलिस ने यूएपीए की धाराएं जोड़ते हुए अलग से चालान पेश किया है। इससे पहले भी पुलिस ने चालान के दौरान यूएपीए जोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन आवश्यक अनुमति न होने के कारण अदालत ने उसे स्वीकार नहीं किया था। अब गृह विभाग से विधिवत मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने दोबारा इन धाराओं को शामिल करते हुए 16 अप्रैल को अदालत में नया चालान दाखिल किया है।




गृह विभाग से मिली मंजूरी के बाद बढ़ी सख्ती

जानकारी के अनुसार, 9 सितंबर 2025 को हरियाणा के गृह विभाग ने नूंह पुलिस अधीक्षक को यूएपीए की धाराएं जोड़ने की अनुमति दी थी। इसी के आधार पर पुलिस ने मामले को फिर से मजबूत करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की। विधायक मामन खान के वकील ताहिर हुसैन रुपडिया ने भी पुष्टि की है कि नया चालान अदालत में पेश किया जा चुका है और मामले की अगली सुनवाई मई के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।




पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी और जमानत

इस मामले में मामन खान को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्हें 15 सितंबर 2023 को दो अलग-अलग मामलों में हिरासत में लिया गया था और बाद में 3 अक्टूबर 2023 को जमानत मिल गई थी। उस समय भी पुलिस ने यूएपीए की धाराएं जोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन बिना सरकारी अनुमति के लगाए गए आरोपों को अदालत ने स्वीकार नहीं किया। इस पर विधायक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें राहत मिली थी।




विधायक का आरोप, राजनीतिक साजिश

नई कार्रवाई के बाद कांग्रेस विधायक मामन खान ने पुलिस के कदम को राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि वे पहले से ही जमानत पर हैं और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही है और इस मामले में भी यही रणनीति अपनाई जा रही है।
यूएपीए लगने से बढ़ती हैं कानूनी चुनौतियां

यूएपीए जैसी सख्त धाराएं लगने के बाद आरोपियों के लिए कानूनी स्थिति और गंभीर हो जाती है। इस कानून के तहत जमानत पाना कठिन होता है और जांच एजेंसियों को अधिक अधिकार मिल जाते हैं। ऐसे में विधायक मामन खान और अन्य आरोपियों के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।




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Editorial Team




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