हाइड्रोथेरेपी: पानी से उपचार का बेहतरीन तरी ...
नई दिल्ली। 'जल ही जीवन है...' ये तो हम सब जानते हैं, लेकिन जल से कई शारीरिक व मानसिक रोगों का इलाज भी संभव है, क्या ये आप जानते हैं? पानी से उपचार का प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है हाइड्रोथेरेपी या जल चिकित्सा।
आयुष मंत्रालय द्वारा प्रोत्साहित यह प्राचीन विधि विभिन्न तापमान वाले पानी का उपयोग करके कई शारीरिक या मानसिक समस्याओं का उपचार होता है।
यह उपचार दवाओं के साइड इफेक्ट्स से बचना चाहने वालों के लिए सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है। हाइड्रोथेरेपी शरीर की अपनी हीलिंग क्षमता को सक्रिय करती है। विशेषज्ञों की सलाह से इसे अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। पानी से होने वाला यह उपचार सस्ता, आसान और प्रकृति के करीब है, जो आधुनिक जीवनशैली की कई समस्याओं में राहत प्रदान करता है।
हाइड्रोथेरेपी न केवल माइग्रेन बल्कि शरीर के दर्द, सूजन और तनाव में भी राहत देने में कारगर है। जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द और कई अन्य शारीरिक व मानसिक रोगों में भी कारगर साबित हुई है। हाइड्रोथेरेपी शरीर की प्राकृतिक जीवन शक्ति को बढ़ाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करती है। जब नींद, खान-पान, व्यायाम जैसी आदतें बिगड़ती हैं, तो शरीर कमजोर पड़ जाता है। हाइड्रोथेरेपी पानी के जरिए शरीर को डिटॉक्स करती है, रक्त संचार सुधारती है, मांसपेशियों को आराम देती है और सूजन कम करती है।
इस थेरेपी में गर्म पानी में स्नान, ठंडे पानी के पैक, स्टीम बाथ, पूल में व्यायाम या सिर पर बर्फ की मालिश जैसी विधियां शामिल हैं। एक अध्ययन में पुराने माइग्रेन के मरीजों पर हाइड्रोथेरेपी का असर देखा गया। 40 मरीजों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को दवाओं के साथ हाइड्रोथेरेपी (गर्म पानी में हाथ-पैर डुबोना और सिर पर बर्फ की मालिश) दी गई, जबकि दूसरे को सिर्फ दवाएं। 45 दिनों बाद हाइड्रोथेरेपी वाले समूह में सिरदर्द की आवृत्ति, तीव्रता और प्रभाव में काफी कमी आई। साथ ही हार्ट रेट वेरिएबिलिटी में सुधार हुआ, जिससे ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम बेहतर हुआ।
हाइड्रोथेरेपी माइग्रेन के साथ ही जोड़ों के दर्द, गठिया, फाइब्रोमायल्जिया, पीठ दर्द, तनाव, चिंता, अस्थमा, मोटापा और सर्जरी के बाद रिकवरी में भी बहुत फायदेमंद है। गर्म पानी मांसपेशियों को ढीला करता है और तनाव हार्मोन कम करता है, जबकि ठंडा पानी सूजन घटाता है।
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