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बीपीएल: कथित भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन, खिलाड ...


ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल टी20) के 12वें सीजन के दौरान कथित भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने या अवैध गतिविधियों की जांच में बाधा डालने के आरोप में टीम के अधिकारियों, फ्रेंचाइजी मालिकों और कुछ खिलाड़ियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इन सभी पर आईसीसी एंटी-करप्शन कोड फॉर पार्टिसिपेंट्स के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप है।
      ये आरोप बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इंटीग्रिटी यूनिट (बीसीबीआईयू) की तरफ से हुई जांच के आधार पर लगाए गए हैं। ये जांच कथित भ्रष्टाचार, सट्टेबाजी की गतिविधियों, भ्रष्टाचार-रोधी जांच में सहयोग न करने और बीपीएल टी20 के 12वें सीजन से जुड़ी जांचों में रुकावट डालने के मामलों से संबंधित हैं।




    जांच में कथित सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां, भ्रष्टाचार के लिए संपर्क करना, कोड के अनुच्छेद 4.3 के तहत जारी 'डिमांड नोटिस' का पालन न करना, जरूरी बातचीत को छिपाना या मिटाना, और 'डेजिग्नेटेड एंटी-करप्शन ऑफिशियल' (डीएसीओ) के साथ सहयोग न करना शामिल है। आरोपियों में मोहम्मद लबलुर रहमान (टीम मैनेजर), मो. तौहिदुल हक तौहिद (फ्रेंचाइजी के सह-मालिक), अमित मजूमदार (घरेलू क्रिकेटर) और रिजवान कबीर सिद्दीकी (टीम मैनेजर) शामिल हैं।




    फ्रेंचाइजी के सह-मालिक, मो. तौहिदुल हक तौहिद ने आर्टिकल 2.4.6 का उल्लंघन किया है, क्योंकि उन्होंने बिना किसी ठोस वजह के, कोड के तहत संभावित भ्रष्ट आचरण से जुड़ी डीएसीओ की जांच में सहयोग करने से मना कर दिया या सहयोग नहीं किया। इसमें कोड के आर्टिकल 4.3 के तहत जारी 'डिमांड नोटिस' का पालन न करना भी शामिल है। तौहिदुल को आर्टिकल 2.4.7 का उल्लंघन करते हुए भी पाया गया है। यह आर्टिकल कोड के तहत संभावित भ्रष्ट आचरण से जुड़ी डीएसीओ की जांच में रुकावट डालने या देरी करने से संबंधित है। इसमें प्रासंगिक बातचीत और जानकारी को छिपाना, मिटाना या नष्ट करना भी शामिल है।




    घरेलू क्रिकेटर अमित मजूमदार पर आर्टिकल 2.2.1 का उल्लंघन करने का आरोप है। उन पर क्रिकेट मैचों के परिणाम, प्रगति, संचालन या किसी अन्य पहलू से संबंधित सट्टेबाजी करने, स्वीकार करने, लगाने या किसी अन्य तरीके से सट्टेबाजी में शामिल होने का आरोप है।
    मो. लबलुर रहमान पर अनुच्छेद 2.4.6 के तहत आरोप लगाया गया है। यह अनुच्छेद बिना किसी ठोस कारण के, कोड के तहत संभावित भ्रष्टाचार के मामले में डीएसीओ की तरफ से की जा रही जांच में सहयोग न करने या मना करने से संबंधित है। इसमें कोड के अनुच्छेद 4.3 के तहत जारी 'डिमांड नोटिस' का पालन न करना भी शामिल है। उन पर अनुच्छेद 2.4.7 का उल्लंघन करने का भी आरोप है। यह अनुच्छेद कोड के तहत संभावित भ्रष्टाचार के मामले में डीएसीओ की जांच में रुकावट डालने या देरी करने से संबंधित है। इसमें जरूरी बातचीत और जानकारी को छिपाना, मिटाना या नष्ट करना भी शामिल है।




    एक अन्य टीम मैनेजर, रेजवान कबीर सिद्दीकी पर भी आर्टिकल 2.2.1 के तहत आरोप लगे हैं। उन पर भी क्रिकेट मुकाबलों के परिणाम, प्रगति, संचालन या किसी अन्य पहलू से संबंधित सट्टेबाजी करने, स्वीकार करने, लगाने या किसी अन्य तरीके से सट्टेबाजी में शामिल होने का आरोप है। इन सभी आरोपियों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें 'आरोप नोटिस' मिलने के 14 दिनों के भीतर इन आरोपों का जवाब देना होगा।




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