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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की मिलीभगत से सत ...


पटना। पश्चिम बंगाल में भाजपा के सरकार गठन को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने शनिवार को इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं।
उन्होंने कहा कि राज्य में कथित तौर पर वोटों की डकैती की गई और इस दौरान चुनाव आयोग की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही। उन्होंने विशेष रूप से चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि जब यह सब हो रहा था, तब उनकी मौजूदगी में ही यह घटनाएं हुईं।




कांग्रेस नेता ने कहा कि करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जबकि इससे पहले भी लगभग 72 से 73 हजार नाम हटाए जा चुके थे। यह कार्रवाई एकतरफा तरीके से की गई और इससे साफ संकेत मिलता है कि चुनाव आयोग सीधे तौर पर इसमें शामिल था। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारी एजेंसियां भी इस प्रक्रिया में लगी हुई थीं और सभी ने मिलकर बंगाल में सत्ता परिवर्तन को प्रभावित किया।
राजेश राम ने आगे कहा कि अब चुनाव में हार-जीत का फैसला जनता नहीं कर रही है, बल्कि यह तय किया जा रहा है कि किसके पक्ष में परिणाम जाएगा। उनके मुताबिक, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मतदाताओं के अधिकारों को दरकिनार कर सरकार बनाने की कोशिश की गई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संविधान को ताक पर रखकर, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और मतदाताओं के अधिकारों को कमजोर किया गया। कथित तौर पर वोटों की लूट हुई और उसी प्रक्रिया के जरिए अब सरकार बनाई जा रही है।




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