deltin55 Publish time 1970-1-1 05:00:00

डिजिटल पायरेसी पर सरकार की सख्ती, टेलीग्राम ...


नई दिल्ली: देश में बढ़ती डिजिटल पायरेसी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को नोटिस जारी कर उसके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध अवैध और पायरेटेड सामग्री के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत की जाए।




15 दिनों में मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट

मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में टेलीग्राम से कहा गया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही पायरेटेड फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट संरक्षित डिजिटल सामग्री की पहचान कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज करे। इसके साथ ही सरकार ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह उठाए गए कदमों और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत विवरण 15 दिनों के भीतर मंत्रालय को उपलब्ध कराए। सरकार यह जानना चाहती है कि प्लेटफॉर्म कॉपीराइट उल्लंघन रोकने के लिए कौन-से तकनीकी और प्रशासनिक उपाय अपना रहा है।




फिल्म और OTT उद्योग को हो रहा बड़ा नुकसान

सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब भारत में ऑनलाइन पायरेसी लगातार बढ़ती चुनौती बन चुकी है। नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने के कुछ ही घंटों के भीतर विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग चैनलों पर अवैध रूप से साझा की जाने लगती हैं। इससे फिल्म निर्माताओं, ओटीटी प्लेटफॉर्म और कंटेंट निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। मनोरंजन उद्योग लंबे समय से सरकार से पायरेसी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग करता रहा है।




कॉपीराइट सुरक्षा पर सरकार का फोकस

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का मानना है कि डिजिटल युग में बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) की सुरक्षा पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। यदि पायरेटेड सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो इससे रचनात्मक उद्योगों में निवेश और नए कंटेंट के निर्माण पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सरकार चाहती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट की निगरानी के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित करें और कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करें।




प्लेटफॉर्म्स की बढ़ेगी जवाबदेही

विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीग्राम को भेजा गया नोटिस अन्य डिजिटल और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है कि कॉपीराइट नियमों के पालन में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, सरकार ने अभी केवल टेलीग्राम को नोटिस जारी किया है, लेकिन भविष्य में अन्य ऑनलाइन सेवाओं से भी अवैध सामग्री के खिलाफ समान स्तर की जवाबदेही की अपेक्षा की जा सकती है।
डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने की पहल


सरकार का उद्देश्य केवल अवैध कंटेंट हटाना नहीं, बल्कि ऐसा डिजिटल वातावरण तैयार करना है, जहां रचनाकारों के अधिकार सुरक्षित रहें और उपभोक्ताओं को वैध माध्यमों से सामग्री उपलब्ध हो। यदि पायरेसी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता है, तो इससे फिल्म उद्योग, ओटीटी प्लेटफॉर्म और अन्य कंटेंट निर्माताओं को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था में निवेश का माहौल भी मजबूत होगा।
अब सभी की नजर टेलीग्राम की प्रतिक्रिया और उस कार्रवाई रिपोर्ट पर रहेगी, जिसे कंपनी को मंत्रालय के निर्देशानुसार 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करना है। यह मामला आने वाले समय में भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और कॉपीराइट अनुपालन की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।




https://www.deshbandhu.co.in/images/authorplaceholder.jpg
Editorial Team



Telegram noticedigital piracyMinistry of Information and Broadcastingpirated filmsOTT contentillegal contentcyber lawfilm industryonline piracyGovernment of IndiaCentral GovernmentIB Ministry









Next Story
Pages: [1]
View full version: डिजिटल पायरेसी पर सरकार की सख्ती, टेलीग्राम ...