IEW 26 GOA: ऊर्जा और विकास के स्टार्टअप्स ने छोड़ी छाप, कई संस्थान और शोधार्थी सम्मानित
गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 में गोवा समेत देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्रों और शोधार्थियों को भी प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया गया. इस दौरान छात्रों को वसुधा, अविन्या और हैकाथॉन चैलेंज जैसे स्टार्टअप्स के साथ जुड़ कर अनेक अनुभव हासिल हुए.
गौरतलब है कि इंडिया एनर्जी वीक में वसुधा, अविन्या और हैकाथॉन चैलेंज जैसे स्टार्टअप्स की साझेदारी अहम हैं. ये स्टार्टअप्स भविष्य में ऊर्जा और विकास के मिशन में जुड़े हैं.
https://www.deltin51.com/url/picture/slot4616.jpg
अविन्या उद्यमियों को प्रौद्योगिकियों और व्यावसायिक मॉडलों के लिए एक मंच प्रदान करती है, जबकि वसुधा सतत विकास पर केंद्रित उन स्टार्टअप्स को बढ़ावा देती है जो जलवायु के प्रति जागरूक समाधानों में अग्रणी हैं. वहीं हैकाथॉन चैलेंज युवा प्रतिभाओं, कोडर्स और डेवलपर्स को उद्योग चुनौतियों को हल करने के लिए सहयोग करती है. ये स्टार्टअप्स प्रतिभागियों को वैश्विक मंच पर प्रदान करते हैं. इंडिया एनर्जी वीक में अपने विचार रखने का खास अवसर देते हैं.
अविन्या ऊर्जा स्टार्टअप चैलेंज को IEW 2024 में ऊर्जा क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप्स की पहचान कायम करने के मकसद से शुरू किया गया.
IEW 2026 में अविन्या को कुल 161 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें क्रमश: पांच स्टार्टअप विजेता हैं: मिनिमिन्स क्लीनटेक सॉल्यूशंस, ओसस बायोरेन्यूएबल्स, ट्रांज़मियो आईटी सॉल्यूशंस, रेज़लाइटिक्स टेक्नोलॉजीज और पेट्रोबोट टेक्नोलॉजीज.
https://images.tv9hindi.com/wp-content/uploads/2026/01/iew-26-goa.jpeg
अपस्ट्रीम सेक्टर स्टार्टअप चैलेंज वसुधा पहली बार IEW 2025 में शुरू किया गया था. यह प्रतिष्ठित जूरी प्रविष्टियों का मूल्यांकन करती है. दो दावेदारों का चयन करती है. वसुधा-2026 में अमेरिका से 7, कनाडा से 5, नाइजीरिया से 2, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, डेनमार्क, नीदरलैंड, यूके और जर्मनी से 1-1 यानी कुल 20 आवेदन प्राप्त हुए. जूरी ने दो स्टार्टअप को विजेता के रूप में चुना: सेनरगेटिक्स बीवी, नीदरलैंड और रेसरमाइन इंक, अमेरिका.
FIPI ने दस प्रमुख IIT और IIT के समकक्ष संस्थानों (IIT-दिल्ली, मुंबई, मद्रास, गुवाहाटी, रुड़की, खड़गपुर, ISM धनबाद, IIT-कानपुर, RGIPT और IIPE, विशाखापत्तनम) को एक हैकाथॉन चैलेंज के लिए आमंत्रित किया. जिसमें ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया. पुरस्कार के रूप में विजेता को ₹1,00,000, उपविजेता को ₹50,000 और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाते हैं.
Pages:
[1]