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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूती से देश की ...


नई दिल्ली, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी से देश की आर्थिक रफ्तार को अप्रैल-मई के दौरान कम होने से रोकने में मदद मिली है। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग का जीडीपी में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है और निर्यात और इन्वेंट्री बढ़ाने की वजह से इसने मुश्किल हालात में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता के कारण एहतियात के तौर पर इन्वेंट्री बढ़ाई गई। इससे देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा हुआ। यह ट्रेंड खासकर कंज्यूमर गुड्स में देखा गया। वहीं, यूएस में कम टैरिफ की वजह से संभावित 'सेक्शन 301 टैरिफ' से पहले गैर-तेल निर्यात को बढ़ाने का मौका मिला।




हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 100 ग्रोथ इंडिकेटर्स का डेटाबेस अप्रैल-मई में सुस्त पड़ती रफ्तार की ओर इशारा करता है। साथ ही, बहुत मजबूत अल-नीनो और कमजोर मानसून की आशंका से खेती और ग्रामीण मांग पर जोखिम मंडरा रहा है।
बैंक ने बताया कि भारतीय कंपनियों को कम टैरिफ के चलते अमेरिका में 'सेक्शन 301' के संभावित उपायों से पहले गैर-तेल निर्यात बढ़ाने का मौका मिला, जिससे फैक्ट्री की गतिविधियों को बढ़ावा मिला।




हालांकि, रिपोर्ट में खेती के अलावा ग्रोथ के लिए दो सकारात्मक कारकों पर जोर दिया गया, खासकर सर्विस सेक्टर में, जो जीडीपी का 55 प्रतिशत हिस्सा है।
तेल की कीमतों का युद्ध से पहले के स्तर पर वापस आना व्यापार और परिवहन क्षेत्र को बढ़ावा दे सकता है, जो जीडीपी का लगभग 15 प्रतिशत है। साथ ही, एफएक्स पैकेज की वजह से आसान फाइनेंशियल स्थितियों से फाइनेंशियल सेक्टर को गति मिल सकती है, जो जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत है।




रिपोर्ट में बताया गया कि जीडीपी में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला कृषि क्षेत्र मुश्किलों का सामना कर रहा है, क्योंकि तापमान सामान्य से अधिक है, बारिश सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम हुई है और जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल के मुकाबले कम है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "ग्रामीण मांग में पहले ही दबाव के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में युवाओं की बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। ग्रामीण इलाकों में दो-पहिया वाहनों की बिक्री और बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी धीमी हुई है, और जून में घरेलू जीएसटी कलेक्शन में भी कमी आई है।"




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DB Desk



Science and techonologyThe manufacturing sector'sstrength is boostingcountry's economic momentum









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