‘मेरी संपत्ति का फैसला शरीयत नहीं उत्तराधिकार कानून से हो’, सुप्रीम कोर्ट में होगी बड़ी बहस
Indian Succession Act Vs Shariat Law: सुप्रीम कोर्ट ने इस समय वक्फ कानून पर सुनवाई चल रही है। इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। इस बीच सर्वोच्च अदालत में दो ऐसी याचिकाएं और आई हैं जिनका व्यापक असर मुस्लिम समाज पर पड़ सकता है। असल में सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दायर हुई हैं, मांग की गई है कि उनकी विरासत वाली संपत्ति का फैसला शरीयत कानून के जरिए ना हो बल्कि उत्तराधिकार कानून से किया जाए। दोनों याचिकाओं सिर्फ फर्क इतना है कि एक याचिकाकर्ता मुस्लिम धर्म में मानता है तो दूसरा अब नहीं।
https://www.deltin51.com/url/picture/slot1330.jpg
अब जानकारी के लिए बता दें कि एक याचिका तो नौशाद केके द्वारा दायर की गई है। उनका कहना है कि उनकी संपत्ति का फैसला उत्तराधिकार कानून से ही होना चाहिए, उन्हें शरीयत कानून से अपनी संपत्ति का कोई भी फैसला मंजूर नहीं होगा। वहीं जो दूसरा केस है, सुप्रीम कोर्ट में उसे Sufiya PM vs Union of India कहकर संबोधित किया जा रहा है। सुफिया ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्होंने अपने धर्म में अब दिलचस्पी खो दी है, ऐसे में उनकी संपत्ति से जुड़ा जो भी मामला होगा, उसका फैसला सिर्फ उत्तराधिकार कानून से ही होना चाहिए।
https://data.indianexpress.com/election2019/track_1x1.jpg
सुफिया वाले मामले में तो केंद्र ने भी पिछले साल अक्तूबर में सर्वोच्च अदालत को बताया था कि यह फैसला संसद को करना है कि उत्तराधिकार कानून के दायरे को मुस्लिमों तक लेकर जाना है या नहीं। अब यहां पर समझने वाली बात यह है कि उत्तराधिकार कानून का सेक्शन 58 मुस्लिमों को इस कानून से अभी के लिए बाहर रखता है। लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट इन दो याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, उसके व्यापक परिणाम हो सकते हैं। अगर याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला आया, तब भी बदलाव होंगे, अगर खिलाफ में फैसला गया तो उस स्थिति में असर देखने को मिलेगा।
क्या करती हैं प्रियंका गांधी की बेटी
https://www.deltin51.com/url/picture/slot0142.jpg
https://www.deltin51.com/url/picture/slot4964.jpg
Pages:
[1]