हिम शिवलिंग के अंतर्धान के बाद भी कायम है श् ...
कश्मीर। अमरनाथ यात्रा के प्रारंभिक दिनों में हिम शिवलिंग के प्राकृतिक रूप से अंतर्धान होने की खबर से श्रद्धालुओं में क्षणिक निराशा अवश्य देखी गई, लेकिन शिवभक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। देश के विभिन्न हिस्सों से पंजीकरण करा चुके श्रद्धालु निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा पर निकल रहे हैं।गुफा दर्शन को ही मानते हैं पुण्यदायक
यात्रियों का कहना है कि पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन अपने आप में आध्यात्मिक अनुभव हैं। उनके अनुसार, हिम शिवलिंग का बनना और पिघलना प्रकृति के चक्र का हिस्सा है और इससे तीर्थस्थल की महिमा कम नहीं होती। श्रद्धालु गुफा की पावन मिट्टी और अमरगंगा के जल को श्रद्धापूर्वक ग्रहण कर स्वयं को धन्य मानते हैं।
आस्था का केंद्र है पूरी यात्रा
कई श्रद्धालुओं ने कहा कि उनके लिए भगवान शिव किसी एक स्वरूप तक सीमित नहीं हैं। उनका मानना है कि भक्ति का आधार श्रद्धा और भाव है, जो किसी प्राकृतिक परिवर्तन से प्रभावित नहीं होता। इसी कारण यात्रा को लेकर उत्साह पहले की तरह बना हुआ है।
यात्रा व्यवस्थाएं जारी
प्रशासन और श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और आवास संबंधी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं। श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
अमरनाथ यात्रा एक बार फिर यह संदेश दे रही है कि आस्था केवल प्रतीकों में नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास और समर्पण में भी निहित होती है।
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National Desk
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