Fact Check: India AI Impact Summit में पीएम मोदी के नाम से बचपन में रोबोट बनाने का दावा करने वाली पोस्ट फेक
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट (India AI Impact Summit 2026) का समापन हो गया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों को संबोधित किया था। उनके संबोधन से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने इंडिया एआई समिट के दौरान कहा कि उन्होंने बचपन में रोबोट बनाया था, जिसके लिए स्कूल ने उन्हें मेडल दिया था।
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विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि पीएम मोदी ने एआई समिट में अपने संबोधन के दौरान ऐसा कुछ नहीं कहा था। उनके नाम से फेक पोस्ट वायरल की जा रही है।
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इंस्टाग्राम यूजर ‘discoverindianews’ ने 21 फरवरी 2026 को पीएम मोदी की तस्वीर पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “पीएम मोदी का बचपन की रोबोट वाली याद साझा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी 2026 को India AI Impact Summit में कहा, ”बचपन में मैंने भी एक बार रोबोट बनाया था। स्कूल वालों ने मुझे मेडल दिया था।” यह बयान AI और इनोवेशन पर उनके भाषण में आया, जहां उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि छोटी उम्र में ही तकनीक से जुड़ें। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।“
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फेसबुक यूजर Ramniwas Bidhan ने भी 23 फरवरी 2026 को एक वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए इसी तरह का दावा किया।
वायरल दावे की जांच के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया, लेकिन कोई भरोसेमंद मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।
पीएम इंडिया की सरकारी वेबसाइट पर 19 फरवरी 2026 को पीएम के संबोधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसके अनुसार, “उन्होंने AI इम्पैक्ट समिट में AI के लिए भारत के M.A.N.A.V. (MANAV) विजन को पेश किया था, जिसका मतलब है इंसान। MANAV विजन का मतलब है:
M– मोरल और एथिकल सिस्टम: इसका मतलब है AI को एथिकल गाइडलाइंस पर बनाया जाना चाहिए।
A– अकाउंटेबल गवर्नेंस: इसका मतलब है ट्रांसपैरेंट नियम और मजबूत निगरानी।
N– नेशनल सॉवरेनिटी: डेटा उन्हीं का है, जो इसे बनाते हैं।
A– एक्सेसिबल और इनक्लूसिव: AI एक मोनोपॉली नहीं, बल्कि एक मल्टीप्लायर होना चाहिए।
V– वैलिड और लेजिटिमेट: AI कानूनी और वेरिफाएबल होना चाहिए। भारत का MANAV विजन 21वीं सदी की AI-ड्रिवन दुनिया में इंसानी भलाई के लिए एक जरूरी कड़ी होगा।” हालांकि, इसमें वायरल बयान का कोई जिक्र नहीं है।
पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल Narendra Modi पर 19 फरवरी 2026 को इस संबोधन का वीडियो अपलोड किया गया था। 21:48 सेकंड के इस वीडियो में कहीं भी वायरल बयान नहीं सुना गया।
डीडी न्यूज की वेबसाइट पर 19 फरवरी को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी इतिहास में एक बड़ा बदलाव लाने वाला चैप्टर है और इसके संभावित असर की तुलना लिखी हुई भाषा और वायरलेस कम्युनिकेशन जैसे टर्निंग पॉइंट से की। उन्होंने कहा कि AI सिर्फ मशीनों को इंटेलिजेंट बनाने के बारे में नहीं है, बल्कि इंसानी क्षमताओं को कई गुना बढ़ाने के बारे में है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि AI की जबरदस्त स्पीड और स्केल के लिए विजन और जिम्मेदारी की जरूरत है।” इसमें भी वायरल बयान का कोई जिक्र नहीं है।
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इस बारे में हमने दैनिक जागरण के विशेष संवाददाता नीलू रंजन से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि एआई इंपैक्ट समिट में पीएम ने बचपन में रोबोट बनाने जैसा कोई बयान नहीं दिया था।
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इसके बाद हमने वायरल वीडियो को चेक किया तो इसका लंबा वर्जन भारतीय जनता पार्टी के यूट्यूब चैनल पर मिला। इसे 29 मार्च 2024 को अपलोड किया गया है। इसमें पीएम मोदी और उद्योगपति बिल गेट्स की वार्तालाप को दिखाया गया है। वीडियो के 12:20 मिनट के बाद वायरल क्लिप को देखा जा सकता है। इसमें वह कहते हैं, “जैसे हमारे यहां बहुत सारी बोलियां है, मैं AI को कहता हूं, इन बोलियों को पकड़िए। मैं अपने एस्ट्रोनॉट्स के इंट्रोडक्शन के लिए गया था, तो हमारे एस्ट्रोनॉट्स किस प्रकार से काम करने वाले थे] जो रोबोट से मैं बात कर रहा था, मैंने रोबोट्स से काफी बातें की और मैंने देखा की, मैं अलग अलग टोन में अलग-अलग लहजा में बोलता था और मैं देख रहा था कि वो मुझे प्रॉपर रिस्पॉन्ड कर रहा था। फिर मैंने उसका नाम बदल करके पूछने की कोशिश की तो फिर उसने रिस्पॉन्ड नहीं किया। तो मैंने कहा कि मैं आपके AI से 3 मिनट 4 मिनट बात किया अभी तक वो मेरी आवाज को रिकग्नाइज नहीं पाया है। जब तक मैं उसका नाम नहीं बोलता हूं, वो मुझे रिस्पॉन्ड नहीं कर रहा है। मैं यह चाहता हूं कि वो मेरे आवाज को सेंस करें और भले ही मैं उसका नाम ना लूं पर वो मेरे से बात करें। तो उन्होंने कहा ठीक है, वी विल डू दिस। तो मैं हर बार नए चैलेंजेस देता रहता हूं।” इसमें भी वह रोबोट बनाने की बात नहीं करते हैं।
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की वेबसाइट पर 21 फरवरी 2026 को जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, “शिखर सम्मेलन एआई इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणा को अपनाने के साथ संपन्न हुआ। इस घोषणा को 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने समर्थन दिया है। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सबका कल्याण, सबकी खुशी) के सिद्धांत से प्रेरित, घोषणा इस बात पर जोर देती है कि एआई के फोयदों को पूरी मानवता के साथ बराबरी से साझा किया जाना चाहिए।”
अंत में हमने फेक पोस्ट शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को चेक किया। यूजर के 15 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
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