Padma Shri Award: कैलाश चंद्र पंत और खेमराज सुंदरीयाल का उत्तराखंड से नाता, एक साहित्यकार तो दूसरे ने हैंडलूम को दुनिया में दिलाई पहचान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/C-218-1-HLD1016-374205-1769348701594_m.webpजागरण संवाददाता, देहरादून। पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित कैलाश चंद्र पंत और खेमराज सुंदरीयाल का उत्तराखंड से भी जुड़ाव है। मध्यप्रदेश के भोपाल में रह रहे कैलाश चंद्र पंत वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार हैं। 1936 को मध्यप्रदेश के महू में जन्मे कैलाश चंद्र पंत का पैतृक गांव बागेश्वर जिले में खंतोली है।
हरियाणा के पानीपत में रह रहे खेमराज सुंदरीयाल पौड़ी जिले के सुमाड़ी के मूल निवासी हैं। उन्हें पानीपत के हैंडलूम को विदेश तक पहुंचाने का श्रेय जाता है। उन्होंने पानीपत में खड्डी चलाकर जीवन की शुरुआत की थी। श्रीनगर में 10वीं पास कर तीन वर्ष का कोर्स किया था। उन्होंने पानीपत के हैंडलूम के उत्पादों के सैंपल बनाकर विदेश भेजे, हजारों लोगों को दिया खड्डी चलाने और हैंडलूम के उम्दा सैंपल बनाने का प्रशिक्षण भी दिया। वह 1975 में पानीपत चले गए थे।
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