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डॉग शो में पहले दिन जर्मन शेफर्ड रहा आकर्षण का केंद्र, माली और डाॅक्सी रहे विजेता

LHC0088 2025-12-14 13:37:28 views 1166
  

पुलिस लाइन में देवभूमि पेट वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा आयोजित डाग शो में जर्मन शेफर्ड के साथ प्रतिभाग करते प्रतिभागी। जागरण



जागरण संवाददाता, देहरादून। दून वैली कैनल क्लब की ओर से दून में आयोजित दो दिवसीय डाग-शो के पहले दिन जर्मन शेफर्ड की नस्ल के कुत्ते आकर्षण का केंद्र रहे। पहले दिन कुल 125 ने विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभाग किया। नौ महीने की श्रेणी में मौली और छह महीने में डाक्सी विजेता रहे। ये सभी पंजाब के रहे। आज दूसरे दिन विभिन्न प्रजाति के 400 कुत्ते शामिल होंगे।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

पुलिस लाइन के मैदान में सुबह से ही देहरादून के अलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ उत्तर प्रदेश से लोग अपने जर्मन शेफर्ड कुत्ते लेकर पहुंचे। कुल 125 कुत्तों में आठ विदेशी भी शामिल रहे। निर्णायक में आस्ट्रेलिया के विनसैनजो टेनटैरा रहे। जिसमें जर्मन शेफर्ड की शारीरिक बनावट, कद काठी और चाल के बाद प्रतिस्पर्धा के बाद उन्हें अंक प्रदान किए गए।

डॉग शाम में छह महीने से लेकर चार वर्ष तक के प्रतिभागी शामिल हुए। देवभूमि पेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रतीक गर्ग ने बताया कि आज मुख्य आयोजन होगा। जिसमें विभिन्न राज्यों से तकरीबन 400 भिन्न नस्लों के कुत्ते शामिल होंगे। इसमें लेब्रेडो, ग्रेस, गोल्डन रिट्रीवर, बीगल आदि शामिल होंगे। प्रतियोगिता के बाद देर शाम तक कुछ के परिणाम जारी किए गए जबकि सभी के परिणाम आज घोषित किए जाएंगे।

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एसी और पंखे की हवा भा रही जर्मनी के कुत्ते
डॉग शो में सर्बिया के विदेशी आठ कुत्ते भी शामिल हुए। आठ कुत्तों को कुछ समय पहले ही जर्मनी से भारत इम्पोर्ट किया गया। कोई पंजाब तो कोई दूसरे राज्यों में लोगों ने खरीदे हैं। इन कुत्तों को दून की ठंड में भी गर्मी लग रही है ऐसे में उनके लिए पंखे और एसी लगाई गई है।

विदेशी कुत्ते रखने वाले हरियाणा के कपिल कुमार ने बताया कि इन्हें कम तापमान में रखना जरूरी है। हरियाणा के ही राजीव सिंह ने बताया कि जर्मनी में न्यूनतम तापमान होने के कारण इन कुत्तों को वही आदत पड़ जाती है। लेकिन यहां अधिक गर्मी लगती है जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसलिए उन्हें पंखा और एसी में रखा जाता है।
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