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राजस्थान में दो बैंक प्रबंधकों सहित 30 लोगों ने किया 1621 करोड़ रुपये का घोटाला, दर्ज हुई FIR

deltin33 Yesterday 22:56 views 1022
  

दोनों प्रबंधकों ने मौके पर गए बिना ही फर्जी रिपोर्ट दी (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पंजाब एंड सिंध बैंक की दो शाखाओं के प्रबंधकों ने साइबर अपराधियों के साथ मिलकर 1621 करोड़ रुपये का घोटाला किया। मामले में सीबीआइ ने 13 जनवरी को 30 लोगों एवं फर्मों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआइआर दर्ज कर जांच प्रारंभ की है।

सीबीआइ ने आरोपितों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी एवं जाली दस्तावेजों का उपयोग करने की धाराओं के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए हैं। फर्जी कंपनियों के जरिए यह घोटाला किया गया। घोटालेबाजों ने साइबर अपराधियों और मनी लॉन्ड्रिंग की काली कमाई को सफेद करने के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया।
17 म्यूल खाते इधर से उधर किए

घोटाला करने वालों ने कुछ महीनों में ही 17 म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये इधर से उधर किए। बैंक को कितने का नुकसान हुआ, अभी तक अधिकारिक रूप से यह सामने नहीं आया है। अनौपचारिक रूप से 1621 करोड़ के घोटाले की बात कही जा रही है। सीबीआइ की एफआइआर के अनुसार मुख्य आरोपित पंजाब एंड सिंध बैंक की दो शाखाओं के प्रबंधक विकास वाधवा एवं अमन आनंद थे।

उन्होनें चंडीगढ़ में जीरकपुर निवासी आदित्य गुप्ता, प्रेम सैन, प्रवीण अरोड़ा एवं आतिल खान के साथ मिलकर घोटाला किया। आरोपितों ने 17 फर्मों एवं कंपनियों के नाम पर म्यूल चालू बैंक खाते खोले थे। जाली केवाईसी दस्तावेज, फर्जी किरायानामा एवं अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार करके बैंक में जमा करवाए।

दोनों प्रबंधकों ने मौके पर गए बिना ही फर्जी साइट विजिट रिपोर्ट, व्यावसायिक प्रमाणिकरण सहित अन्य रिपोर्ट तैयार कर दी, जिनके आधार पर खाते खुल गए। इसके बाद श्रीगंगानगर की मुख्य शाखा में अगस्त 2024 में 19 जून से 9 जुलाई, 2024 तक चार बैंक खाते खोले गए, जिनसे 537 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।
1048 करोड़ रुपये का हुआ लेनदेन

दूसरी शाखा में अगस्त, 2024 से मार्च 2025 की अवधि में कुल 13 खाते खोले गए, जिनसे करीब 1048 करोड़ रुपये का लेनदेन हआ। प्रारंभिक जांच के अनुसार खाते सक्रिय होने के बाद इनका उपयोग साइबर अपराध और अन्य अवैध गतिविधियों से मिलने वाली काली कमाई को बैंक चैनलों क माध्यम से रूट, लेयरिग एवं ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

इस मामले में सीबीआइ ने पिछले सप्ताह श्रीगंगानगर में एलकेजी इन्फो साल्यूशंस फर्म के निदेशक अजय गर्ग के ठिकानों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज जुटाए हैं। सीबीआइ के अनुसार एक दर्जन से अधिक फर्मों और इनके मालिकों के नाम से फर्जी बैंक खाते खोले गए थे। इससे पहले पुलिस की जांच में सामने आया था कि म्यूल खातों से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया।

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