search

देहरादून: नंदा की चौकी पुल का पुनर्निर्माण शुरू, चार माह बाद खुलेगा यातायात

deltin33 2026-1-23 12:28:03 views 1308
  

निर्माण के लिए हिमालयन कंस्ट्रक्शन का चयन और अब धरातल पर काम शुरू। जागरण



सुमन सेमवाल, देहरादून। चार माह के लंबे इंतजार के बाद पांवटा साहिब राजमार्ग पर नंदा की चौकी क्षेत्र में टौंस नदी पुल के क्षतिग्रस्त भाग का निर्माण शुरू कर दिया गया है। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया में लोनिवि प्रांतीय खंड को मुश्किलें उठानी पड़ी। टेंडर की अवधि आगे बढ़ाई गई और एक दफा इसे निरस्त भी करना पड़ गया। लेकिन, महज तीन दिन के भीतर न सिर्फ नई टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई, बल्कि कंपनी का चयन और अनुबंध गठित कर काम भी शुरू करा दिया गया है।

लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार निर्माण के लिए हिमालयन कंस्ट्रक्शन का चयन किया गया है। करीब 16 करोड़ रुपए के पुनर्निर्माण कार्य के लिए ठेका कंपनी को चार माह का समय दिया गया है। ताकि ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाए।
15 सितंबर की रात्रि को अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त हुआ था पुल

15 सितंबर की मध्य रात्रि को हुई अतिवृष्टि में टौंस नदी पर बना नंदा की चौकी के पुल का एक हिस्सा ढह गया था। जिस कारण पांवटा साहिब राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया था।

कुछ दिनों की वैकल्पिक व्यवस्था के बाद नदी के एक भाग पर ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई पुलिया बनाई गई। वर्तमान में भी इसी व्यवस्था से राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन कराया जा रहा है।

वहीं, लोनिवि ने क्षतिग्रस्त एबटमेंट वाल का नए सिरे से निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की थी। करीब 16 करोड़ की डीपीआर पर काम शुरू करने के लिए नवंबर माह में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। लेकिन, शुरुआती बाधाओं के चलते इसे अब जाकर पूरा किया गया और निर्माण कार्य भी धरातल पर रफ्तार पकड़ चुका है।
33 साल बाद पुल की खामी होगी दूर

यह पुल वर्ष 1992 में बना था और उस समय जो गलती की गई थी, उसे अब सुधारा जाएगा। लोनिवि के परीक्षण में पता चला था कि पानी ने किनारे वाली वाल को ध्वस्त किया, जबकि बीच के पिलर जस के तस खड़े रहे। यह बात भी सामने आई कि न सिर्फ क्षतिग्रस्त एबटमेंट वाल ओपन फाउंडेशन वाली है, बल्कि देहरादून के छोर वाली वाल की भी यही प्रकृति है। सिर्फ बीच के पिलर वेल फाउंडेशन वाले पाए गए।

यही कारण रहा कि नदी के वेग में बने पुल के बीच के पिलर महफूज खड़े रहे, जबकि किनारे की एबटमेंट वाल क्षतिग्रस्त हो गई। लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिकारियों के अनुसार पुल की मरम्मत के डिजाइन में ओपन फाउंडेशन की जगह वेल फाउंडेशन का प्राविधान किया गया है। इसकी गहराई 20 मीटर से अधिक है, जबकि ओपन फाउंडेशन की गहराई महज 05 मीटर के आसपास होती है। एबटमेंट वाल के निर्माण के साथ ही परियोजना में सुरक्षा के कुछ अन्य प्राविधान भी जोड़े गए हैं।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand News: 16 करोड़ से दुरुस्त होगा नंदा की चौकी पुल, टेंडर आमंत्रित;  जल्द होगा यातायात बहाल
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
478131