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उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रंजन अग्रवाल, राष्ट्रीय महासचिव समीर जैन व उपाध्यक्ष प्यारे लाल सेठ ने केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भेजे पत्र में पेट्रोलियम पदार्थों और विशेषकर कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में हुई भारी वृद्धि पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से कीमतों को नियंत्रित करने के लिए दीर्घकालिक नीति बनाने और एमएसएमई व छोटे उद्योगों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की मांग की है।
राष्ट्रीय महासचिव समीर जैन व उपाध्यक्ष प्यारे लाल सेठ ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भेजे पत्र में घरेलू उत्पादन और वोकल फॉर लोकल की नीति को विशेष प्रोत्साहन देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संकट के इस दौर में एमएसएमई उद्योग और छोटे व्यापारियों को राहत मिलनी चाहिए तथा वोकल फॉर लोकल के लिए सब्सिडी दी जानी चाहिए।

इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को बैंक ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए ताकि मंदी से जूझ रहे व्यापार और इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिल सके। प्रदेश अध्यक्ष रंजन अग्रवाल ने चिंता जताते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट देशों में जारी युद्ध के कारण मात्र एक महीने में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,288 रुपए बढ़ चुकी है, जिससे महंगाई का ग्राफ तेजी से ऊपर भागा है।

पहले जो सिलेंडर 1,881 रुपए का था, वह अब 3,171 रुपए का हो गया है। सरकार को अमेरिका के बजाय ईरान से करार कर सस्ते दामों पर पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की डील भारतीय करेंसी (रुपए) में करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मात्र 15 दिनों में डीजल 7.50 रुपए और पेट्रोल 7.35 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है।

यदि युद्ध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो कीमतें 150 रुपए प्रति लीटर तक जा सकती हैं। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है; यदि केंद्र ने तुरंत वैकल्पिक नीति और सुरक्षित सप्लाई चेन तैयार नहीं की, तो महंगाई चरम पर पहुंच जाएगी।
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