मांझी विधानसभा विधायक रणधीर सिंह। (जागरण)
जागरण संवाददाता, छपरा। आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में घिरे मांझी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर सिंह को गुरुवार को छपरा कोर्ट से बड़ी राहत मिली।
एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी संजय गुप्ता ने साक्ष्य के अभाव में विधायक को बरी करने का आदेश दिया। अदालत ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
रणधीर सिंह के खिलाफ भगवान बाजार थाना और नगर थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। दोनों मामलों में आचार संहिता उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे।
सुनवाई के दौरान अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा के बाद न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा।
सुनवाई के दौरान विधायक रणधीर सिंह स्वयं अदालत में उपस्थित हुए और अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित थे और उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से प्राथमिकी कराई गई थी।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपक सिन्हा ने अदालत में दलील दी कि विधायक के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और न ही आरोपों की पुष्टि होती है। ऐसे में उन्हें बरी किया जाना न्यायोचित है।
दलीलों से सहमत होते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी ने विधायक को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। |
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