मणिपुर में मैतेई समुदाय के युवक की हत्या वीडियो बनाकर किया वायरल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मणिपुर के चुराचांदपुर जिले से सामने आए एक दिल दहला देने वाले वीडियो ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। वायरल वीडियो में 31 वर्षीय मैतेई युवक मायंगलंबम ऋषिकांत सिंह की गोली मारकर हत्या दिखाई गई है।
हैरानी की बात यह है कि उनके परिवार को यह तक नहीं पता था कि वह अपनी कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पत्नी के साथ चुराचांदपुर में रह रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद ही परिवार को पूरी घटना की जानकारी मिली।
मृतक की बहन ने पुलिस में दी शिकायत
ऋषिकांत की बहन एम आशालता देवी ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि उनके भाई की हत्या संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने की। वीडियो में दिखता है कि हथियारबंद लोग ऋषिकांत को घुटनों पर बैठाकर जान की भीख मंगवाते हैं और फिर पास से गोली मार देते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस वीडियो को जानबूझकर सोशल मीडिया पर डाला गया ताकि लोगों में गुस्सा फैले और मणिपुर में फिर से जातीय तनाव बढ़े। वीडियो पर लिखा था, “नो पीस, नो पॉपुलर गवर्नमेंट“। इस समय राज्य में शांति बहाली और सरकार गठन को लेकर बातचीत चल रही है।
घटना का वीडियो वायरल
मणिपुर के काकचिंग खुनौ इलाके में रहने वाले ऋषिकांत के पड़ोसी सनाइयामा ने बताया कि बुधवार रात उन्होंने और अन्य स्थानीय लोगों ने वीडियो देखा। वीडियो देखकर पहचानने के बाद उन्होंने परिवार को सूचना दी। उन्होंने कहा, “परिवार ने पहले वीडियो नहीं देखा था। यह किसी दंगे में हुई मौत नहीं थी, बल्कि आतंकियों द्वारा की गई योजनाबद्ध हत्या थी।“
ऋषिकांत नेपाल में काम करते थे और दिसंबर 2025 में घर लौटे थे। उनके चचेरे भाई अमरजीत के अनुसार, वह 19 दिसंबर को चुराचांदपुर गए थे। जनवरी के मध्य में उन्होंने अपने पिता से फोन पर बात की और कुछ पैसे भेजे, जो उनकी पत्नी चिंगनू हाओकिप के खाते से आए थे। परिवार को लगा कि वह नेपाल से फोन कर रहे हैं।
परिवार को यह जानकारी कि ऋषिकांत चुराचांदपुर में थे, तभी मिली जब पड़ोसियों ने वायरल वीडियो के बारे में बताया। चुराचांदपुर, इंफाल से लगभग 65 किलोमीटर दूर है।
परिवार को कैसे मिली हत्या की खबर?
आशालता देवी ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें 22 जनवरी की रात 1:45 बजे अपनी भाभी चिंगनू का फोन आया। चिंगनू ने बताया कि वह और उनके पति 19 दिसंबर से तुइबोंग गांव में रह रहे थे, जहां से कुछ अज्ञात हथियारबंद लोगों ने दोनों का अपहरण कर लिया।
शिकायत के अनुसार, उन्हें एक चार पहिया वाहन में सुनसान जगह ले जाया गया। रास्ते में चिंगनू को वाहन से धक्का देकर उतार दिया गया, जबकि ऋषिकांत को पहाड़ियों की ओर ले जाकर गोली मार दी गई।
इस मामले में मणिपुर के राज्यपाल एके भल्ला ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियों को कुछ अहम सुराग मिले हैं और जल्द कार्रवाई हो सकती है।
उग्रवादी संगठनों की भूमिका
कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) ने उन खबरों को गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि ऋषिकांत को पत्नी से मिलने की अनुमति KNO से ली गई थी। KNO केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रहे कुकी संगठनों का समूह है।
जांच में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) को मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है, हालांकि स्थानीय सूत्रों के अनुसार संगठन के नेतृत्व ने इस हत्या में शामिल होने से इनकार किया है। UKNA शांति वार्ता का हिस्सा नहीं है। मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से कुकी और मीतेई समुदाय के लोग आमतौर पर एक-दूसरे के इलाकों में नहीं जाते। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन फरवरी में एक साल पूरा करने वाला है।
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