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Copper Ring Astrology: आपकी किस्मत बदल सकता है सस्ता-सा तांबे का छल्ला, जान लें इसे पहनने के नियम

cy520520 2025-12-14 18:08:08 views 781
  

Copper Ring Astrology (Picture Credit: Freepik)  



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कई लोग चांदी का छल्ला या अंगूठी (Copper Ring) पहनते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसका विशेष महत्व माना गया है। तांबे का एक साधारण-सा छल्ला आपकी किस्मत चमका सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं तांबे का छल्ला पहनने के फायदे और इसके नियम। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मिलते हैं ये लाभ (Astrological Benefits)

ज्योतिष शास्त्र में तांबे को सूर्य और मंगल ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में यह माना जाता है कि इसे धारण करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। इससे जातक के मान-सम्मान और यश में वृद्धि होती है। जिन लोगों को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है या चिड़चिड़ापन रहता है, उन्हें भी तांबा धारण करने से लाभ मिल सकता है। साथ ही इससे आत्मविश्वास बढ़ता है।
नकारात्मक ऊर्जा रहती है दूर

ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, तांबा मानसिक शांति प्रदान करता है। इसे धारण करने से आपके आसपास की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) दूर बनी रहती है और मन में सकारात्मक विचारों का संचार बढ़ता है।
किसे पहनना चाहिए?

मेष, सिंह, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों के लिए तांबे (Copper) का छल्ला धारण करना विशेष लाभकारी माना गया है। लेकिन वृषभ और तुला राशि वालों को इसे पहनने से बचना चाहिए। बेहतर होगा कि आप ज्योतिषी से सलाह लेकर इसे धारण करें।
धारण करने के नियम

तांबे का छल्ला तभी पूरा फायदा देता है जब इसे सही तरीके से पहना जाए। इसे पहनने के लिए रविवार का दिन शुभ माना गया है। साथ ही इसे अनामिका उंगली (Ring Finger) में पहनना चाहिए, क्योंकि यह उंगली सूर्य से संबंधित मानी जाती है।

इसे पहनने से पहले सुबह नहाने के बाद तांबे के छल्ले को गंगाजल और कच्चे दूध से धोकर शुद्ध कर लेना चाहिए। साथ ही इसे धारण करते समय सूर्य देव का मंत्र “ॐ सूर्याय नमः“ का 11 या फिर 108 बार जप करना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि छल्ला बिना जोड़ का होना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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